चंडीगढ़ में हेड काॅन्स्टेबल की हत्या के आरोपित बेटे का दोस्त गिरफ्तार, वारदात के लिए देसी कट्टा कराया था उपलब्ध
चंडीगढ़ में हेड काॅन्स्टेबल नितिन की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके बेटे अरमान के दोस्त लक्ष्य को गिरफ्तार ...और पढ़ें

हेड कॉन्स्टेबल नितिन का फाइल फोटो और वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टा।
HighLights
नौवीं तक साथ पढ़े अरमान-लक्ष्य, दोस्ती बनी हत्या की कड़ी।
11 हजार रुपये में कट्टा और दो कारतूस खरीदने में कराई मदद।
लक्ष्य को वारदात की जानकारी होने का भी पुलिस ने किया दावा।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-22 में हेड काॅन्स्टेबल नितिन की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने एक और अहम कड़ी जोड़ते हुए उसके बेटे अरमान को देसी कट्टा उपलब्ध कराने में मदद करने वाले उसके दोस्त लक्ष्य को गिरफ्तार कर लिया है।
रामदरबार निवासी लक्षय को सेक्टर-17 थाना पुलिस ने दबोचा। पुलिस ने उसके कब्जे से एक देसी कट्टा भी बरामद किया है। लक्ष्य और अरमान नौवीं कक्षा तक साथ पढ़े हैं और दोनों के बीच दोस्ती थी।
अरमान की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस लक्ष्य की तलाश कर रही थी। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगने के बाद लक्ष्य लगातार ठिकाने बदलकर छिप रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश में दबिश जारी रखी और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि लक्ष्य कुछ दिन पहले हरिद्वार निवासी मोहम्मद शाहिद से एक देसी कट्टा खरीदकर लाया था। उसने इसकी जानकारी अपने दोस्त अरमान को दी। इसके बाद अरमान ने भी कट्टा लेने की इच्छा जताई। लक्ष्य ने ही अरमान का संपर्क मोहम्मद शाहिद से कराया।
इसके बाद अरमान खुद हरिद्वार गया और शाहिद से करीब 11 हजार रुपये में एक देसी कट्टा और दो कारतूस खरीदकर लाया। लक्ष्य को इस बात की जानकारी थी कि अरमान किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है।
इसके बाद अरमान ने अपने पिता हेड काॅन्स्टेबल नितिन की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
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पारिवारिक मामला, साक्ष्यों पर पुलिस का फोकस
पुलिस के लिए यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि हत्या का आरोप मृतक के बेटे अरमान पर है और मामले की शिकायतकर्ता उसकी मां तथा एएसआई मोनिका हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला पारिवारिक होने के कारण जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
पुलिस का कहना है कि अरमान के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को केस में मजबूती से जोड़ा जा रहा है। घटनाक्रम से जुड़े प्रत्येक साक्ष्य को सुरक्षित किया जा रहा है, ताकि अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान जांच की कड़ियां स्पष्ट रूप से सामने रखी जा सकें।
