चंडीगढ़ में रेसिंग कार के एडवेंचर से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, सेक्टर-17 में गो कार्टिंग शुरू करने की तैयारी
चंडीगढ़ प्रशासन सेक्टर-17 में गो कार्टिंग शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिससे शहर के पर्यटन को एडवेंचर का ...और पढ़ें

चंडीगढ़ में रेसिंग कार का एडवेंचर देखने को मिलेगा
HighLights
सेक्टर-17 में गो-कार्टिंग शुरू करने की तैयारी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एडवेंचर गतिविधि।
पीपीपी मॉडल पर होगा संचालन, निजी एजेंसी के साथ।
राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन अब बड़ा कदम उठाने जा रहा है। शहर में रेसिंग कार का एडवेंचर देखने को मिलेगा। सिटी हार्ट सेक्टर-17 में अब लोगों को खरीदारी, खानपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ रेसिंग कार का रोमांच भी मिलेगा। यहां गो कार्टिंग शुरू करने का प्रस्ताव तैयार है।
इस संबंध में पर्यटन के अधिकारियों की बैठक हो चुकी है। तिरंगा पार्क के पास इसकी जगह तलाश की गई है जहां पर इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जाएगा। निजी एजेंसी के सहयोग से पीपीपी मोड पर इसका संचालन होगा। संपदा विभाग को यह जगह ट्रांसफर करने के लिए कहा गया है।
गो कार्टिंग में छोटी चार पहियों वाली रेसिंग कारों को विशेष ट्रैक पर चलाया जाता है। इसमें बच्चे और बड़े अपनी उम्र और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार राइड का आनंद ले सकते हैं। देश के कई शहरों में निजी कंपनियां इसका संचालन कर रही हैं और प्रति राइड 500 से 1000 रुपये तक शुल्क लिया जा रहा है।
चंडीगढ़ में भी इसे व्यावसायिक और पर्यटन गतिविधि के रूप में विकसित करने की संभावना है। प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार गो कार्ट के साथ दूसरे राज्यों के उन प्रोजेक्ट़्स का भी अध्ययन किया रहा है जो कि पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। शहर में हर साल 12 लाख पर्यटक चंडीगढ़ देखने के लिए आते हैं।
सेक्टर-17 को पर्यटन का नया केंद्र बनाने की तैयारी
सेक्टर-17 प्लाजा शहर का प्रमुख व्यावसायिक और सार्वजनिक स्थल है। यहां पहले से म्यूजिकल फाउंटेन, एम्फीथिएटर, लाइटिंग और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था है। गो कार्टिंग शुरू होने से प्लाजा में एक नई एडवेंचर गतिविधि जुड़ सकती है।
इससे युवाओं के साथ परिवारों और दूसरे शहरों से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करने में मदद मिलेगी। प्रस्ताव तैयार करते समय ट्रैक के लिए जगह, कार्ट की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, संचालन एजेंसी और संभावित खर्च का आकलन किया जाएगा।
इसके लिए निजी एजेंसी के सहयोग से पीपीपी माॅडल भी विकल्प हो सकता है। इसमें प्रशासन जगह उपलब्ध करवागा, जबकि निजी कंपनी उपकरण और संचालन की जिम्मेदारी संभाल सकती है। शुल्क और संचालन की शर्तें अंतिम मंजूरी के बाद तय होंगी।
सारंगपुर में बनेगा काॅन्सर्ट-कम-एग्जीबिशन सेंटर
शहर में बड़े आयोजनों को आकर्षित करने के लिए सारंगपुर में करीब 25 एकड़ जमीन पर काॅन्सर्ट-कम-एग्जीबिशन सेंटर विकसित करने की योजना है। यहां बड़े काॅन्सर्ट, प्रदर्शनियां और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इससे मोहाली और पंचकूला में होने वाले बड़े आयोजनों को चंडीगढ़ में लाने में मदद मिलेगी।
ली कार्बूजिए सेंटर में डिजिटल म्यूजियम
सेक्टर-19 स्थित ले कार्बूजिए सेंटर में डिजिटल म्यूजियम विकसित करने की परियोजना को हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की मंजूरी मिल चुकी है। इसमें डिजिटल तकनीक के माध्यम से चंडीगढ़ की वास्तुकला, इतिहास और शहर की योजना से जुड़ी जानकारी पर्यटकों को उपलब्ध कराने की तैयारी है।
सुखना लेक और ग्रीन टूरिज्म पर फोकस
सुखना लेक और शहर के हरित क्षेत्रों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। इसमें बोटिंग, साइकिलिंग, ट्रेकिंग और पर्यावरण आधारित पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर है। सुखना लेक पहले से ही शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है।
सेक्टर-17 में पहले से हो रहे बदलाव
सेक्टर-17 प्लाजा को फिर से जीवंत बनाने के लिए फाउंटेन, एम्फीथिएटर, आकर्षक लाइटिंग, प्रोजेक्टर मैपिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर काम किया गया है। इस दीपावली पर यहां करीब 20 हजार डिजिटल लाइट्स से चेरी ब्लॉसम थीम की सजावट भी की गई। अब गो कार्टिंग जैसी गतिविधि जोड़ने पर विचार हो रहा है।
पहली पर्यटन नीति तैयार
चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर की पहली पर्यटन नीति तैयार की है। इसका उद्देश्य शहर की वास्तुकला, विरासत और पर्यटन स्थलों को रोजगार, निवेश और कारोबार के अवसरों से जोड़ना है। नीति में पर्यटन से जुड़े कारोबार को प्रोत्साहित करने, निजी निवेश आकर्षित करने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया गया है।
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