जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-43 स्थित चंडीगढ़ जिला अदालत ने एक युवक और एक महिला को 10-10 साल की सजा का फैसला सुनाया है। इसके अलावा दोनों पर जुर्माना भी लागाया है। हालांकि यह दोनों मामले अलग-अलग हैं। 

पहले मामले में पंजाब के 25 वर्षीय युवक ने चंडीगढ़ के सेक्टर-56 में एक युवती के साथ लिव इन में रहते हुए उसे गर्भवती बनाया और बाद में उसे छोड़ दिया। इस मामले में जिला अदालत ने उसे 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फास्ट-ट्रैक स्पेशल कोर्ट की जज स्वाति सहगल की कोर्ट में यह केस का ट्रायल चल रहा था। दोषी पंजाब के मुक्तसर जिले का 25 वर्षीय प्रभदीप है।

पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार 29 जुलाई 2019 को पीड़िता के बयान पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। पीड़िता भी मूलरूप से पंजाब की रहने वाली है। शिकायतकर्ता के अनुसार वह और प्रभदीप दोनों खरड़ स्थित एक निजी कंपनी में काम करते थे। वहीं दोनों की दोस्ती हुई और बाद में प्यार। इसके बाद दोनों सेक्टर-56 में एक साथ रहने लगे थे। शादी का झांसा देकर प्रभदीप ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब वह गर्भवती हुई तो वह उसे छोड़कर चला गया। इस पर पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर प्रभदीप को गिरफ्तार किया था।

नशा तस्करी मामले में महिला को 10 साल की सजा

वहीं, दूसरे मामले में जिला अदालत ने प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार महिला को 10 साल की सजा सुनाई है। दोषी महिला सेक्टर-38 निवासी गीता पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार 12 जून 2018 को सेक्टर-39 थाना पुलिस ने महिला को सेक्टर-39 जीरी मंडी चौक के पास गिरफ्तार किया था। उसके हाथ में एक पीले रंग का लिफाफा था। लिफाफे की तलाशी लेने पर उसमें से 22 प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने महिला गीता के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।

Edited By: Ankesh Thakur

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