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चंडीगढ़ में 25 हजार कर्मचारियों का नौकरी जाने का डर हुआ कम, सुप्रीम कोर्ट का फैसला बना नई उम्मीद

Published: Mon, 06 Apr 2026 02:08 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने चंडीगढ़ के 25,000 कॉन्ट्रैक्ट बेस वाले और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए नई उम्मीद जगाई ...और पढ़ें

कच्चे कर्मचारियों ने अपने हक में आए फैसलों को तुरंत लागू करने की मांग उठाई।

कच्चे कर्मचारियों ने अपने हक में आए फैसलों को तुरंत लागू करने की मांग उठाई।

HighLights

  1. ऑल कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी संघ ने उठाई आवाज।

  2. चंडीगढ़ प्रशासक व गृहमंत्री को लिखा पत्र।

  3. नियमितीकरण और नौकरी सुरक्षा की मांग की।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। वर्षों तक नियमित कार्य करते आए कर्मचारियों को सिर्फ इसलिए बाहर नहीं किया जा सकता कि वे कॉन्ट्रैक्ट पर थे। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला चंडीगढ़ के 25 हजार कर्मचारियों के लिए नई उम्मीद बना है। प्रशासन व म्युनिसिपल कार्पोरेशन में लगभग 5 हजार काॅन्ट्रैक्ट व 20 हजार आउटसोर्सिंग कर्मचारी वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं।

ऑल कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी संघ ने काॅन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के हक में आए इन फैसलों का स्वागत करते हुए चंडीगढ़ प्रशासक व केंद्रीय गृहमंत्री से लिटिगेशन पॉलिसी के तहत तुरंत लागू करने की मांग की।

संघ ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम की तर्ज पर सेवा निवृत्ति तक नौकरी की सुरक्षा की मांग भी की। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासक व केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र भी लिखा है।

कर्मचारी संघ के प्रधान अशोक कुमार ने कहा कि एकमुश्त नियमितीकरण की छूट को सरकारों ने सीमित तरीके से लागू कर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के शोषण को वैधानिक रूप दे दिया। प्रशासन ने इसे स्थायी नियुक्तियों से बचने का औजार बना लिया।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के इन फैसलों ने इस भ्रम को तोड़ते हुए कहा है कि वर्षों तक नियमित कार्य करते आए कर्मचारियों को सिर्फ इसलिए बाहर नहीं किया जा सकता क्योंकि वे कॉन्ट्रैक्ट पर थे।

सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दीर्घकालिक सेवा को अनदेखा नहीं किया जा सकता। वर्षों से जो कर्मचारी सरकारी तंत्र की रीढ़ बने हुए हैं, उन्हें अब न्याय मिलना चाहिए, सिर्फ कोर्ट के आदेशों में नहीं, बल्कि ज़मीनी हकीकत में। सर्वोच्च न्यायालयों के आधार पर कैट चंडीगढ़ द्वारा किए फैसले भी कच्चे कर्मचारियों की जीत है।

ये हैं प्रमुख मांगें

  • 10 वर्षों या उससे अधिक समय से स्वीकृत पदों पर कार्यरत सभी कॉन्ट्रैक्ट व आउटसोर्स कर्मचारियों का सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों तहत एकमुश्त नियमितिकरण या नौकरी की सुरक्षा की जाए।
  • आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सरकारी एजेंसी के माध्यम से सेवा निवृत्ति तक नियुक्ति की जाए ।
  • कॉन्ट्रैक्ट प्रथा को चरणबद्ध तरीके से समाप्त या सुरक्षित किया जाए।