चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग, चंडीगढ़ कांग्रेस का प्रदर्शन; प्रदेशाध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में लिए
चंडीगढ़ कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसमें मुख्य चुनाव ...और पढ़ें
HighLights
निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग।
मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने पर पारदर्शिता की मांग।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में चंडीगढ़ कांग्रेस ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एचएस लक्की के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-18 स्थित पंचायत भवन से स्टेट इलेक्शन कमीशन कार्यालय की ओर रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, मतदाता सूची पुनरीक्षण में पारदर्शिता लाने और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग की।
कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। चुनाव आयोग कार्यालय से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
पुलिस ने भारी बल की मदद से प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और लोकतंत्र व मतदाता अधिकारों से जुड़े नारे लगाए।
प्रदर्शन के बाद पुलिस ने एच.एस. लक्की सहित कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सेक्टर-19 थाने पहुंचाया। करीब दो घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
धरने को संबोधित करते हुए लक्की ने कहा कि निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने वाली संस्था की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता जरूरी है।
लक्की ने हाल में आई एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की हैं।
हालांकि, निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा है कि एसआईआर समेत आयोग के फैसले तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए। लक्की ने एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा कि रिपोर्टों के अनुसार 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक हटाए गए नाम का कारण, नोटिस, दावे-आपत्तियां, अपील और बाद में बहाल किए गए नामों का राज्य, विधानसभा क्षेत्र और बूथवार विवरण सार्वजनिक किया जाए।
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मतदाता सूची में सुधार की मांग
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सुधार जरूरी है, लेकिन यदि किसी पात्र नागरिक का नाम गलती से हट जाता है तो उसे समय पर बहाल करने की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
लक्की ने चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर की सुरक्षा, आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों पर हुई कार्रवाई तथा चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
कांग्रेस ने कहा कि उसकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि पात्र नागरिकों के मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास को लेकर है। प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पार्षद, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
