चंडीगढ़, जेएनएन। चंडीगढ़ में गैर जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुलेंगी या बंद रहेगी। इसका फैसला प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ अधिकारियों की होने वाली कोविड वार रूम की बैठक में आज लिया जाएगा। व्यापार मंडल के सीनियर पदाधिकारियों की भी सेक्टर-37 में बैठक होने जा रही है, जिसमें यह निर्णय लिया जाएगा कि अगर प्रशासन ने गैर जरूरी वस्तुओं की दुकानों को खोलने की मंजूरी न दी तो व्यापारी संगठन रोष जताने के लिए प्रदर्शन करेगा या नहीं। हालांकि व्यापारियों ने प्रशासन को दो टूक कहा है कि सभी दूकानों को खोलने की मंजरी मिले।

प्रशासन की ओर से पिछले तीन सप्ताह से गैर जरूरी वस्तुओं की दुकानों को बंद किया हुआ है और प्रशासन के अधिकारी फिर से पाबंदियां आगे बढ़ाना चाहता हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था न कि जाए कि आधा बाजार खुला और आधा बाजार बंद। उनका कहना है कि इससे काफी मुश्किल हो रहा है।

व्यापार मंडल ने प्रशासन से दुकानें ऑड ईवन सिस्टम के तहत खोलने की मांग की है। जिससे कि जरूरी और गैर जरूरी दोनों वस्तुओं के दुकानदारों को अपना काम करने की मंजूरी मिले। ऐसा करने से हर व्यापारी को सप्ताह में तीन से चार दिन काम करने का मौका मिल जाएगा। इसके साथ ही व्यापार मंडल ने लॉकडाउन के दौरान सभी तरह की चार्जेस और टैक्स में छूट की भी मांग की है। 

व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह का कहना है कि अब कोरोना की स्थिति में सुधार भी आ रहा है। ऐसे में अब प्रशासन को भी व्यापारियों को भी राहत देनी चाहिए। गैर जरूरी वस्तुओं के दुकानदार इस समय काफी परेशान हैं। इस लाकडाउन से छोटा दुकानदार बर्बाद हो गया है। अब व्यापारी नुकसान झेलने की स्थिति में नहीं है। व्यापारी मानसिक, फिजिकल और फाइनेंशियली तौर पर काफी परेशान हो गया है।

व्यापार मंडल के महासचिव नरेश महाजन का कहना है कि अगर व्यापारियों की मांगों पर गौर न किया गया तो उन्हें प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बंद दुकानों के कारण व्यापारी किस तरह से अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करें। व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्ढा का कहना है कि प्रशासन का यह सिस्टम ठीक नहीं है। गैर जरूरी वस्तुओं का कारोबार करने वाला दुकानदार काफी परेशान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह कहां पर जाए जबकि प्रशासन व्यापारियों को कोई राहत भी देने के लिए तैयार नहीं है।