जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर के सेक्टर-26 स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द ब्लाइंड के विद्यार्थी आधुनिक तकनीक के साथ पढ़ाई करेंगे। नौवीं से 12वीं कक्षा के दिव्यांग विद्यार्थी आर्बिट रीडर से कंप्यूटर की विभिन्न तकनीक को जान सकेंगे। बुधवार को चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने इंस्टीट्यूट को आर्थिक मदद की घोषणा की।

प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बेहतर शिक्षा के लिए 50 आर्बिट रीडर की मांग की गई थी, जिन्हें प्रशासक ने अपनी तरफ से संस्थान को दिया है। सोसायटी फॉर द केयर ऑफ ब्लाइंड सेक्टर-26 की तरफ से टैगोर थिएटर में गोल्डन जुबली समारोह मनाया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना के साथ की, जिसके बाद हरियाणा और पंजाब की संस्कृति को पेश करते हुए गीत और नृत्य को पेश किया गया।

हमेशा सहयोग के लिए तैयार

प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को देखकर खुशी की अनुभूति होती है। क्योंकि इन बच्चों में भी वैसी ही प्रतिभा है जैसे एक सामान्य बच्चे में होती है। कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती वंदना से किया गया जो कि दर्शाता है कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति की सीख दी जाती है। संस्कृति को छोड़कर कभी भी कोई विकास नहीं कर पाता। उत्तर भारत का एकमात्र इंस्टीट्यूट फार ब्लाइंड चलाने के लिए मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं और हमेशा सहयोग के लिए तैयार रहूंगा।

प्रतिभा की नहीं कमी, सहयोग की जरूरत

ब्लाइंड इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल जेएस जायरा ने कहा कि वह 24 वर्षों से संस्थान में सेवाएं दे रहे हैं। इंस्टीट्यूट से निकले छात्र आज बैंकिंग से लेकर सोशल वेलफेयर दूसरे कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। विद्यार्थियों में अपार प्रतिभा है, जरूरत है उसे निखारने की। जेएस जायरा ने कहा कि प्रशासन से हमेशा सहयोग से उम्मीद रहती है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर सुविधा के साथ के साथ सफल बनाया जा सके।

Edited By: Ankesh Thakur

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