चंडीगढ़, जेएनएन। देश में रिटायरमेंट के बाद सबसे सुरक्षित और स्वच्छ माहौल के लिए अपनी एक अलग पहचान रखवे वाला शहर चंडीगढ़ अब बुजुर्गों के लिए सुरक्षित नहीं रहा। बुजुर्गों के साथ अपराध के मामले में पूरे देश के रिकॉर्ड के अनुसार चंडीगढ़ का दूसरा स्थान रहा है। इसका खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो एनसीआरबी की 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ में प्रति एक लाख जनसंख्या पर सीनियर सिटीजन से अपराध का आंकड़ा 69 है जबकि पहले नंबर पर मध्य प्रदेश आंकड़ा 82.5 आया है। वहीं दिल्ली 65.6 के साथ इस मामले में तीसरे स्थान पर है। 

बता दें कि साल 2015 में बुजुर्गों के साथ अपराध में चंडीगढ़ में 26 मामले सामने आए थे। एक साल बाद यह आंकड़ा बढ़कर 48 पहुंच गया और साल 2017 में 53 तक पहुंच गया। हालांकि रिपोर्ट 2017 के आंकड़े को मद्देनजर रखते हुए बनाई गई है, लेकिन 2018 और 2019 में भी बुजुर्गों से अपराध की वारदातों में कोई कमी नहीं आई है। आए दिन बुजुर्गों के साथ स्नैचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, मारपीट, हत्या, चोरी, पारिवारिक प्रताड़ना आदि तरह की वारदातें लगातार सामने आ रही हैं। 

चंडीगढ़ पुलिस पीआरओ चरणजीत सिंह विर्क का इस बारे में कहना है कि सीनियर सिटीजन के साथ लगातार मीटिंग कर उनके सुविधा और सुरक्षा की रिपोर्ट ली जाती है। उनके साथ होने वाले अपराध को कम करने के लिए बीट पुलिस की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।  

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