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 चंडीगढ़ कॉलेजों में पढ़ाई ठप, धरने पर बैठे शिक्षक कर रहे यूजीसी पे-स्केल और प्रमोशन की मांग

Published: Tue, 13 Oct 2026 01:27 PM (IST)

चंडीगढ़ के छह सहायता प्राप्त कॉलेजों के शिक्षक यूजीसी पे-स्केल और प्रमोशन की मांग को लेकर धरने पर हैं, जिससे ...और पढ़ें

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HighLights

  1. चंडीगढ़ के 6 कॉलेजों में शिक्षकों का धरना जारी

  2. शिक्षक यूजीसी पे-स्केल और प्रमोशन की मांग कर रहे

  3. जुलाई 2018 से लाभ देने की मांग पर अड़े शिक्षक

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। यूजीसी के नियमों के अनुसार पे स्केल और प्रमोशन का लाभ देने की मांग को लेकर चंडीगढ़ एडेड कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (केकटा) मंगलवार को सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में धरना दे रही है।

शिक्षकों के इस विरोध प्रदर्शन के चलते शहर के सभी छह निजी सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ाई ठप हो गई है। शिक्षकों का कहना है कि वे जुलाई 2018 से यूजीसी के नियमों के अनुसार वित्तीय लाभ और प्रमोशन देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई है।

प्रशासन ने 2022 से लाभ देने की घोषणा की

चंडीगढ़ प्रशासन ने शिक्षकों को अप्रैल 2022 से ये लाभ देने की घोषणा की है। हालांकि, शिक्षक प्रशासन की इस घोषणा से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब यूजीसी के नियमों के तहत निर्धारित लाभ जुलाई 2018 से देय हैं, तो उन्हें अप्रैल 2022 से लागू करने का कोई औचित्य नहीं है।

शिक्षकों की मांग है कि उन्हें जुलाई 2018 से ही पे स्केल और प्रमोशन का लाभ दिया जाए, ताकि पिछले वर्षों से लंबित उनके वित्तीय हितों की रक्षा हो सके।

छह कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित

केकटा के धरने का असर शहर के छह निजी सहायता प्राप्त कॉलेजों की शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ा है। शिक्षकों के विरोध के कारण कॉलेजों में पढ़ाई बंद होने से विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं।

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ऐसे में शिक्षकों की मांग और प्रशासन के रुख के बीच सहमति नहीं बनने का खामियाजा विद्यार्थियों को भी भुगतना पड़ रहा है। शिक्षकों का विरोध इस बात को लेकर है कि प्रशासन की ओर से घोषित लाभ लागू करने की तारीख जुलाई 2018 के बजाय अप्रैल 2022 तय की गई है।

अब देखना होगा कि प्रशासन शिक्षकों की मांग पर क्या रुख अपनाता है और इस विवाद का समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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