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पंजाब में 61 ED मामलों की CBI जांच का आदेश, नौकरशाही में हड़कंप; बिचौलियों में बढ़ी बेचैनी

Published: Tue, 06 Oct 2026 07:21 PM (IST)

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने ईडी द्वारा उजागर 61 मामलों की सीबीआई जांच का आदेश दिया है, जिनमें प्रशासनिक दखल, तबादले, असलहा लाइसेंस और जमीन सौदे शामिल हैं।

सीबीआई जांच से 61 मामलों की खुलेगी परत, उच्च अफसरों और बिचौलियों में बढ़ी बेचैनी।

सीबीआई जांच से 61 मामलों की खुलेगी परत, उच्च अफसरों और बिचौलियों में बढ़ी बेचैनी।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने ED के 61 मामलों की CBI जांच का आदेश दिया

  2. प्रशासनिक दखल, तबादले, जमीन सौदे और असलहा लाइसेंस जांच में शामिल

  3. कई उच्च अधिकारी और बिचौलिए जांच के दायरे में आने की संभावना

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की ओर से सीबीआई जांच के आदेश के बाद अब उन 61 मामलों की परत खुलने की संभावना है, जिनका उल्लेख प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के डीजीपी को भेजे पत्रों में किया था।

इन मामलों में प्रशासनिक फैसलों में दखल, सरकारी अधिकारियों के तबादले और तैनाती, असलहा लाइसेंस तथा जमीन सौदों से जुड़े मामले शामिल हैं। हाई कोर्ट के आदेश के बाद करीब एक दर्जन उच्च अधिकारियों और पांच निजी बिचौलियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आने की संभावना है।

नौकरशाही में बेचैनी बढ़ने की संभावना

इस जांच के कारण पंजाब की नौकरशाही में बेचैनी और बढ़ने की संभावना है। इससे पहले ईडी की छापामारी के बाद भी अधिकारियों में चिंता बनी हुई थी। सीबीआई ईडी के पत्रों में दर्ज तथ्यों के आधार पर इन मामलों की जांच कर सकती है।

ईडी ने डीजीपी को भेजे पत्रों में 23 अधिकारियों और पांच निजी बिचौलियों पर उंगली उठाई थी। पत्रों में बिचौलियों के जरिये 21 तबादलों की ओर भी इशारा किया गया था।

पत्रों में कथित तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के एक उच्च राजनीतिक अधिकारी और उसके करीबी सहयोगियों का भी उल्लेख किया गया था। ईडी की ओर से नितिन गोहिल पर की गई छापामारी के दौरान बहुमंजिला इमारत से नोटों से भरे बैग फेंके जाने की घटना के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था।

ईडी के मुताबिक, तबादलों की सूची अंतिम रूप से जारी होने से पहले बिचौलियों को भेजी जाती थी। इसी वजह से उनकी भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। ईडी के पत्रों में ऐसे 11 मामलों का उल्लेख है, जिनमें 89.55 लाख रुपये के लेन-देन की बात कही गई है।

इन मामलों में अनाज के लिए परिवहन नीति, फोर्टिफाइड राइस के निर्माताओं की सूचीबद्धता और वेरका के लिए एसएपी लाइसेंस रखने के अलावा कारोबारों के लाइसेंस नवीनीकरण से जुड़े मामले शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई इन पत्रों में दर्ज मामलों के अलावा जांच का दायरा और भी बढ़ा सकती है।

जमीन सौदों से जुड़े सात मामले भी

ईडी के पत्र में सात ऐसे मामलों की ओर भी इशारा किया गया है, जिनमें नितिन गोहिल की कथित तौर पर जमीन सौदों और रियल एस्टेट डेवलपरों से संबंधित काम में भूमिका बताई गई है। नितिन गोहिल पहले ही इस मामले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे चुके हैं।

सात असलहा लाइसेंस के मामले भी

ईडी की कार्रवाई में सात असलहा लाइसेंस के मामले भी सामने आए हैं। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 66(2) के तहत पंजाब सरकार को ये पत्र भेजे थे। हाई कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि इन तथ्यों और उच्च सरकारी पदों पर भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य मामलों को सामने लाए जाने के बावजूद पंजाब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

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