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जेएनएन, चंडीगढ़। सेक्टर-10 स्थित सीएलटीए में तीन ट्रेनी टेनिस खिलाडिय़ों से शारीरिक छेड़छाड़ करने, धमकी देने के आरोप में ट्रेनी पांच नाबालिग लड़कों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एक लड़की के पिता की शिकायत के आधार पर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने नाबालिग खिलाडिय़ों के खिलाफ धारा-354, 354ए, 354डी, 506 और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल अफेंस एक्ट (10 और 12) के तहत एफआइआर दर्ज कर ली है।

वहीं, इसी मामले में एक नाबालिग आरोपित की पिटाई करने के आरोप में शिकायतकर्ता पिता के खिलाफ भी धारा-341, 323 और 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में सेक्टर-3 थाना पुलिस पड़ताल के बाद नाबालिग को काबू और मारपीट करने वाले की गिरफ्तारी करेगी। आरोपित खिलाड़ी पंजाब और हरियाणा के बताए जा रहे हैं।

दो माह से कर रहे थे पीछा

शिकायतकर्ता पिता ने बताया कि पांचों आरोपित सीएलटीए एकेडमी में रहते हैं। ये सीएलटीए-चार्ट (चंडीगढ़ एकेडमी ऑफ रूरल टेनिस) से संबंधित हैं। आरोपित टेनिस की ट्रेनिंग करने जाती नाबालिग बेटी सहित दो अन्य नाबालिग ट्रेनी लड़कियों का दो महीने से पीछा कर रहे थे। आरोपितों पर ट्रेनी खिलाडिय़ों से छेड़छाड़ सहित यौन शोषण करने का आरोप हैं। जिसके बाद उन्होंने सेक्टर-3 थाना पुलिस में 23 जुलाई को लिखित तौर पर शिकायत दी थी। मामले की जांच के बाद थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज की है।

पिता ने लगाए दबाव में केस दर्ज करने के आरोप  

शिकायतकर्ता पिता के खिलाफ थाना पुलिस ने एक नाबालिग ट्रेनी से मारपीट करने और धमकी देने के मामले में केस दर्ज किया है। इस पर शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दबाव के बावजूद शिकायत वापस नहीं लेने के कारण पुलिस पर दवाब बनाकर उनके खिलाफ भी केस दर्ज करवाया गया है।

सीएलटीए अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप

शिकायतकर्ता पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटियों पर अधिकारियों की तरफ से केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे थे। इसके बावजूद पुलिस ने मामले में आलाधिकारियों का बचाव कर लिया। सीएलटीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने मेरी बेटी की चरित्र हत्या करने की कोशिश की। उन्होंने यौन शोषण की शिकार किशोरी की मदद करने के बजाय टेनिस में मेरी बेटी का करियर खत्म करने की धमकी दी थी। हमारे पास इन आरोपों के गवाह भी हैं। हमने पुलिस को इन पहलूओं से अवगत कराया था फिर भी दोषी अधिकारियों के नाम एफआइआर में शामिल नहीं किए गए हैं।

हाईकोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा

पिता ने आगे कहा कि हमें यहां गड़बड़ी की आशंका है क्योंकि सीएलटीए का प्रबंधन वरिष्ठ सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारियों के हाथों में है और उनकी समितियों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी हैं। लगता है इस ओर से पुलिस पर दबाव बनाया है। एफआइआर में वरिष्ठ सीएलटीए प्रबंधन के नाम शामिल करने के आदेश पारित कराने के लिए हम उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।  

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Posted By: Vikas Kumar

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