जेएनएन, चंडीगढ़। वीरवार दोपहर को शिक्षा एवं खेल मंत्री परगट सिंह ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाया तो शाम को पूर्व मुख्यमंत्री ने पलटवार कर दिया। कैप्टन ने कहा कि एक मंत्री के रूप में परगट सिंह का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि परगट सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू एक थाली के चट्टे-बट्टे हैं, जो सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए नई-नई कहानियां गढ़ते रहते हैं। यह दावा मुख्यमंत्री रहते हुए कैप्टन के मीडिया सलाहकार रहे रवीन ठुकराल की ट्वीट में किया गया है।    

परगट सिंह ने पंजाब में बीएसएफ को अधिक अधिकार दिए जाने के मुद्दे पर बोलते हुए पंजाब में राष्ट्रपति शासन की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा था कि कैप्टन भाजपा से मिले हुए हैं। जब वह पहले दिल्ली गए थे, तब धान की खरीद में देरी हुई थी और इस बार इस तरह का कदम उठाया गया है। क्या केंद्र सरकार पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए बीएसएफ की तैनाती कर रही है। 

बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद हटाने की नवजोत सिंह सिद्धू की मुहिम में परगट सिंह ने बढ़-चढ़कर उनका साथ दिया था। परगट ने ही अगुआई करते हुए कैप्टन से नाराज विधायकों और मंत्रियों को लामबंद करके सिद्धू का काम आसान बनाया था। परगट उससे पहले से कई मुद्दों पर कैप्टन पर निशाना साथते आ रहे थे। 

वीरवार का दिन पंजाब के लिए बड़े घटनाक्रम वाला रहा है। एक तरफ दिल्ली में पंजाब प्रभारी हरीश रावत और केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक में नवजोत सिंह सिद्धू के त्यागपत्र पर फैसला होना है तो दूसरी तरफ चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की है। अभी कोई नेता स्पष्ट रूप से बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन अंदरखाते सभी ने सियासी सरगर्मियां तेज कर दी हैं।

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Edited By: Pankaj Dwivedi