राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों व पूर्व विधायकों की परेशानी बढ़ सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री भगवंत मान उनसे कांग्रेस सरकार में अवैध रेत खनन मामले में भ्रष्ट मंत्रियों व विधायकों के नाम पूछेंगे तो इसका विवरण दे सकते हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह की यह प्रतिक्रिया पूर्व गृह मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के बयान पर आया है। रंधावा ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डा. विजय सिंगला के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा की गई कार्रवाई पर कहा था कि उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से पूछताछ करवानी चाहिए।

मुख्य रूप से अवैध रेत खनन को लेकर जिसको लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दावा किया था। बता दें, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़ते समय सोनिया गांधी को लिखे अपने इस्तीफे में कहा था कि उनके पास उनकी सरकार में अवैध रेत खनन करने वाले मंत्रियों व विधायकों की पूरी रिपोर्ट है, जो बतौर गृह मंत्री होते खुफिया विभाग रिपोर्ट करती थी।

अवैध रेत खनन कांग्रेस सरकार में काफी बड़ा मुद्दा बना था। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर भी अवैध रेत खनन को लेकर आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाए थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संक्षिप्त बयान में न सिर्फ कांग्रेस पार्टी को घेरा अलबत्ता मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री पर की गई कार्रवाई पर भी सवालिया निशान लगा दिए।

कैप्टन ने भगवंत मान द्वारा अपने मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोपों में फौरी कार्रवाई का स्वागत किया साथ ही कहा कि मंत्री अदालत में अपना बचाव कर सकते हैं, लेकिन शिकायत के बाद मान ने जो किया वह एक कड़ा संदेश देने के लिए सही काम था।

वहीं, सुखजिंदर सिंह रंधावा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कैप्टन ने कहा, वह उन नामों को उजागर करने के लिए तैयार है अगर मुख्यमंत्री उनसे मांगे। अहम बात यह है कि सुखजिंदर रंधावा के इस बयान को लेकर कांग्रेस में ही बड़ी खलबली है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी को पता है कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह उस लिस्ट को उजागर करते हैं तो माझा एक्सप्रेस के पूर्व मंत्री भी उसमें फंस सकते हैं।

यह पूर्व मंत्री रंधावा के करीबी हैं। अवैध रेत खनन पिछले पांच वर्षों में पूर्व की कांग्रेस सरकार की कमजोर नब्ज रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वह अवैध रेत खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना चाहते थे, जिसकी रिपोर्ट भी उन्होंने सोनिया गांधी को भेजी थी।

Edited By: Kamlesh Bhatt