जेएनएन, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सभी विधायकों को कैबिनेट में एडजस्ट नहीं किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि कई विधायकों को बोर्ड व कार्पोरेशनों में एडजस्ट किया जाएगा। सीएम विधायकों की नाराजगी को लेकर उठे सवाल का जवाब दे रहे थे। बता दें, कैबिनेट में शामिल न किए जाने पर कई विधायकों ने नाराजगी जताई थी।

यहां पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन ने कहा कि रजिया सुल्ताना को उच्च शिक्षा विभाग दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यह अधिकार है कि किसी को कोई भी विभाग दिया जा सकता है। उन्होंने सवाल किया कि देश की रक्षा मंत्री क्या कभी सेना में रही हैं, लेकिन वह रक्षा मंत्री हैं, इसलिए यह बात कोई मायने नहीं रखती है लोकतंत्र में जो अधिकार मिला है उसी के तहत रजिया सुल्ताना को उच्च शिक्षा मंत्री बनाया गया। कैप्टन ने कहा कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री बनने वाली स्मृति इरानी भी ग्रेजुएट नहीं थीं।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों की बैठक में सख्त रुख वाले मामले पर हाई कोर्ट की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने सीएम होने के नाते निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी का कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। बता दें, अमरिंदर सिंह द्वारा पिछले दिनों वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अनुशासनहीनता के लिए दी गई चेतावनी का मुद्दा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में गूंजा था। सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने मुख्यमंत्री की इस चेतावनी को अदालत की अवमानना बताते हुए कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सेवा से बर्खास्तगी की धमकी देकर मुख्यमंत्री ने अदालती हस्तक्षेप करने की कोशिश की है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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