चंडीगढ़, राज्‍य ब्‍यूरो। भाजपा ने पंजाब में पुराने साथी शिरोमणि अकाली दल को बड़ा झटका दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया की बेटी अमनजोत कौर समेत कई नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली है। सोमवार को अमनजोत, शिअद के सीनियर नेता व उपाध्यक्ष चांद सिंह चट्ठा (संगरूर), जिला गुरदासपुर के शिअद के सीनियर उपाध्यक्ष व पूर्व सदस्य जिला परिषद तथा पंजाब कांग्रेस के पूर्व सचिव बलजिंदर सिंह डकोहा , शिअद एससी विंग के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह (संगरूर) तथा सोशल वर्कर चेतन मोहन जोशी (गुरदासपुर) ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तथा पंजाब प्रभारी दुष्यंत गौतम, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग तथा केंद्रीय जल शक्ति विभाग गजेंद्र सिंह शेखावत ने इन सभी का भाजपा परिवार में शामिल करवाया तथा सभी को सिरोपा देकर स्वागत किया।

भाजपा के महासचिव जीवन गुप्ता व राजेश बागा ने पार्टी में शामिल हुए नए सदस्यों का स्वागत  किया। उन्‍होंने  कहा कि यह सभी लोग केंद्र की मोदी सरकार की किसान-हितैषी तथा जन-हितैषी नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी को पार्टी में बनता पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा। ये सभी  नेता केंद्र सरकार की नीतियों तथा पार्टी की विचारधारा से अपने-अपने इलाके के लोगों को जागरूक कर संगठन को और मजबूती प्रदान करेंगें।

नए शामिल हुए सभी सदस्यों ने पार्टी लीडरशिप का धन्यवाद करते हुए संगठन द्वारा उन पर जताए भरोसे पर शत-प्रतिशत खरा उतरने का भरोसा दिया तथा केंद्र सरकार की नीतियों तथा पार्टी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचा कर संगठन को और मजबूत करने का भी भरोसा दिलाया।

 मेरी बेटी ने मुझसे न पूछा न सलाह कीः रामूवालिया

अकाली दल की नेत्री व मोहाली जिला योजना बोर्ड की चेयरपर्सन रहीं अमनजोत काैर के भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने के बाद उनके पिता उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया एक बार फिर चर्चा में आ गए है। भाजपा ज्वाइन करने के बाद रामूवालिया ने अपनी बेटी से रिश्ता तोड़ने की घोषणा कर दी है। रामूवालिया का कहना है कि अमनजोत ने भाजपा ज्वाइन करने को लेकर न तो उनसे कोई चर्चा की और न ही कोई सलाह की।

बलवंत सिंह रामूवालिया का राजनीतिक जीवन खासा उतार-चढ़ाव वाला रहा है। रामूवालिया लोक भलाई पार्टी के स्वमभू प्रधान होते थे। रामूवालिया ने पार्टी को भंग करके अकाली दल में शामिल हो गए थे। 1996 में तत्कालीन प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली संयुक्त मोर्चा की सरकार में श्रम मंत्री रहे रामूवालिया को शिरोमणि अकाली दल ने 2015 में उत्तर प्रदेश में पार्टी का आधार बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश भेजा था।

रामूवालिया ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली और वह तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कैबिनेट में जेल मंत्री बने। उनकी बेटी अमनजोत कौर मोलाली जिला योजना बोर्ड की चेयरपर्सन थीं। रामूवालिया के सपा में जाने से खासे चर्चा में आए थे। जिसके बाद अकाली दल ने उनकी सदस्यता खत्म कर दी थी।

सपा की सरकार जाने के बाद राजनीतिक हाशिये पर चल रहे 78 वर्षीय रामूवालिया ने अमनजोत कौर के भाजपा ज्वाइन करने को लेकर कहा है कि उनकी बेटी ने पंजाब और सिखों के साथ धोखा किया है। रामूवालिया का कहना है, मैं तो अपने गांव रामूवालिए में बैठा हूं। मुझे तो फोन के माध्यम से पता चला की अमनजोत ने भाजपा ज्वाइंन कर लिया है।

रामूवालिया ने कहा कि बेटी ने अपने दादा व नाना की विचारधारा से उलट जाकर यह कदम उठाया है। इससे मैं सहमत नहीं हूं। यह फैसला अमनजोत का अपना है और वही इसके लिए जिम्मेदार होगी। रामूवालिया ने कहा कि अमनजोत की अपनी हस्ती क्या है ? स्कूल के समय बेटी का नाम अमनजोत कौर गिल रहा राजनीति में आने पर रामूवालिया हो गई। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं अपनी बेटी के साथ रिश्ते खत्म करता हूं।

 

Edited By: Sunil Kumar Jha