राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Relief To Gurmeet Ram Rahim:  हरियाणा के राेहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने फरीदकोट कोर्ट द्वारा गुरमीत राम रहीम के खिलाफ जारी प्रोडक्शन वारंट पर रोक लगा दी है। वारंट के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि गुरमीत राम रहीम फरीदकोट नहीं जाएगाा।  अगर पंजाब पुलिस की एसआइटी को उससे पूछताछ करनी है तो वह खुद सुनारिया जेल जाए। वीरवार को डेरा प्रमुख की तरफ से हाई कोर्ट में दो याचिका दायर की गई। एक याचिका में अग्रिम जमानत की मांग की गई थी तथा दूसरी याचिका में प्रोडक्शन वारंट को रद करने का आग्रह किया गया था।

हाई कोर्ट ने कहा- एसआइटी को पूछताछ करनी है तो सुनारिया जेल में करे

डेरा प्रमुख के वकील कनिका आहूजा ने हाई कोर्ट की बेंच को बताया कि मामले में जो आदेश जारी किया वह  गैरकानूनी है और इसको रद किया जाए। पांच घंटे से ज्यादा चली सुनवाई के बाद हाई कोर्ट के जस्टिस मनोज बजाज ने एसआइटी द्वारा गुरमीत राम रहीम को प्रोडक्शन वारंट के तहत फ़रीदकोट लाने पर रोक लगा दी। हाई  कोर्ट ने एसआइटी को कहा कि वह राम रहीम से सुनारिया जेल में पूछताछ कर सकती है ।

गरमीत राम रहीम की याचिका पर हाई कोर्ट ने दिया आदेश ,पांच घंटे से ज्यादा चली सुनवाई

बरगाड़ी में 2015 को हुई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में पंजाब पुलिस की एसआइटी ने डेरा सच्चा सौदा मुखी गुरमीत राम रहीम से पूछताछ करने की तैयारी की है।  इसी के तहत फरीदकोट की अदालत ने गुरमीत राम रहीम को लाने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया था।

एसआइटी ने गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन सरूप चोरी करने के मामले में फरीदकोट की प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आवेदन देकर डेरा मुखी को पूछताछ के लिए पंजाब लाए जाने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करने की मांग की थी। अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को 29 अक्टूबर को अदालत में पेश करने के आदेश जारी किए थे। बेअदबी की कुल तीन घटनाओं में से पावन सरूप चोरी होने के मामले में एसआइटी ने पहले ही डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को चार्जशीट किया हुआ है।

एसआइटी ने हाल ही में पावन सरूप चोरी करने और विवादित पोस्टर लगाने की घटनाओं में डेरे के छह अनुयायियों को गिरफ्तार किया था। इन सभी के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इससे पूर्व जुलाई 2020 में भी डेरे के सात अनुयायियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ खत्म होने के कुछ दिन बाद ही एसआइटी ने इन अनुयायियों के अलावा डेरे की राष्ट्रीय कमेटी के तीन सदस्यों व डेरा मुखी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।

लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद इसी साल जनवरी में हाई कोर्ट ने बरगाड़ी बेअदबी मामलों की पड़ताल के अधिकार सीबीआइ से लेकर पंजाब पुलिस को वापस दे दिए थे। हाई कोर्ट की हिदायत के अनुसार पावन सरूप चोरी के मामले में अभी सप्लीमेंट्री चालान पेश किया जाना बाकी है। इसी के चलते एसआइटी ने अदालत में आवेदन कर पूछताछ करने के लिए डेरा मुखी के प्रोडक्शन वारंट की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया था।

काबिलेगौर है कि बेअदबी का मामला पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा रहा है। इस मामले में हाई कोर्ट के आदेश पर ही सरकार की ओर से नई एसआइटी का गठन किया था। दरअसल, इससे पहले कुंवर विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में इस मामले की जांच करने वाली एसआइटी और उसकी रिपोर्ट को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसके बाद पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह शुरू हो गई थी।

Edited By: Sunil Kumar Jha