राज्‍य ब्‍यूरो, चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता इकबाल सिंह लालपुरा को पार्टी ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बनाकर पार्टी ने पंजाब बड़ा दाव चला है। पूर्व आइपीएस अफसर लालपुरा पिछले लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं और प्रदेश में भी विभिन्न पदों पर सक्रिय रहे हैं। माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 (Punjab Assembly Election 2022) के मद्देनजर भाजपा ने पार्टी से नाराज जट समुदाय को खुश करने का कोशिश है।

विजय सांपला के बाद इकबाल सिंह लालपुरा दूसरे ऐसे नेता हैं जिन्हें सरकार में बड़ा स्थान मिला है। इससे पहले विजय सांपला को पार्टी ने राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग का चेयरमैन बनाया था। पार्टी के ये दोनों कदम फरवरी महीने में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किए गए हैं। इकबाल सिंह लालपुरा नान जट सिख परिवार से आते हैं।

तीन कृषि कानूनों को लेकर जट समुदाय भाजपा से खासा नाराज है और पिछले दस महीनों से भाजपा के नेताओं को कहीं भी कार्यक्रम नहीं करने दे रहा है। यहां तक कि उनके घरों पर भी धरने दिए गए। इसलिए पार्टी ने जट समुदाय के अलावा अन्य वर्गों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। मोहाली से लेकर होशियारपुर तक की कंडी बेल्ट जहां सैणी समुदाय काफी प्रभावी है से इकबाल सिंह लालपुरा का चयन करके पार्टी ने इस वोट बैंक को पार्टी में लाने की रणनीति शुरू की है।

लालपुरा पिछले लंबे समय से श्री आनंदपुर साहिब और रोपड़ सीटों पर सक्रियता दिखा रहे थे। वह खुद रोपड़ सीट से लड़ना चाहते थे और उनका बेटा दमनबीर सिंह श्री आनंदपुर साहिब के हलके में सक्रियता दिखा रहा है। लालपुरा के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बनने से पार्टी को पिछड़ी जातियों के वोटों का फायदा मिल सकता है।

काबिले गौर है कि पिछले दिनों पार्टी के संगठन महासचिव दिनेश कुमार ने जागरण को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि पंजाब में अनुसूचित जातियां और पिछड़े वर्ग ज्यादा हैं लेकिन सभी पार्टियां जट समुदाय से ही मुख्यमंत्री का चेहरा तलाशती हैं। भाजपा पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जाति समुदाय से किसी बड़े चेहरे को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाएगी।

विजय सांपला के बाद अब इकबाल सिंह लालपुरा को इतना बड़ा पद देने से साफ है कि पार्टी अपनी लाइन पर चल रही है। इससे पहले पार्टी ने होशियारपुर से सांसद बने पूर्व ब्यूरोक्रेट सोम प्रकाश को केंद्र सरकार में उद्योग राज्य मंत्री बनाया है।

Edited By: Sunil Kumar Jha