जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने पटाखों पर पूर्ण पाबंदी लगा रखी है। यह पाबंदी अब बड़ा मुद्दा बन रही है। दिसंबर में होने वाले नगर निगम चुनाव में भी यह मुद्दा गरमाएगा। इस फैसले से नाराज वर्ग का गुस्सा चुनाव में झेलना पड़ सकता है। दशहरा पर भी पटाखों पर पाबंदी के बाद शहरवासियों ने इस फैसले का विरोध जताया था। प्रशासन ने दशहरा कमेटियों को आतिशबाजी की मंजूरी तक नहीं दी थी। हालांकि बावजूद इसके कुछ जगह पटाखे जलाए गए थे लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज भी किया है।

चंडीगढ़ क्रेकर्स डीलर्स एसोसिएशन इस फैसले से नाराज हैं। साथ ही एक खास वर्ग भी इस फैसले को अपनी धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहा है। क्रेकर डीलर्स एसोसिएशन ने तो इस मामले में राजनीतिक दलों से संपर्क करना भी शुरू कर दिया है। वह स्पष्ट एलान कर चुके हैं कि चुनाव में समर्थन तभी करेंगे जब उनके रोजगार को बचाया जाएगा। एसोसिएशन सत्ता पक्ष के साथ दूसरे दलों के नेताओं से भी संपर्क कर रही है।

अब देखना यह होगा कि आखिर दीपावली या गुरुपर्व से पहले इस फैसले में कोई बदलाव होता है या नहीं। हालांकि भाजपा नेता इस नाराजगी से भलीभांति परिचित हैं। भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद इस मामले में प्रशासक और एडवाइजर से मीटिंग कर रहे हैं। अब यह देखा जा रहा है कि आखिर दूसरे राज्यों ने किस आधार पर पटाखों को मंजूरी दी है।  

दूसरे शहरों से खेप रोकने की तैयारी

यूटी प्रशासन ने भले ही पटाखों पर पाबंदी लगा रखी है। लेकिन पंचकूला और मोहाली में पटाखों पर पाबंदी नहीं है। ऐसे में इन शहरों से पटाखे चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं। पिछले साल भी चंडीगढ़ में पटाखे जलाए गए थे। अब प्रशासन पटाखों को चंडीगढ़ की सीमा में नहीं पहुंचने के लिए टीमों का गठन करेगा। सभी दूसरे शहरों से लगती बाउंड्री पर मॉनीटरिंग के आदेश दिए गए हैं। हालांकि अभी कहीं इस तरह की चेकिंग शुरू नहीं हुई है। ऐसे में अभी भी पटाखे चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं।

Edited By: Ankesh Thakur