'वोट चोरी नहीं हुई, कांग्रेस से जनता ने वोट देना ही बंद कर दिया...', अनुराग ठाकुर का राहुल गांधी पर पलटवार
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर 'वोट चोरी' के मुद्दे पर देश में भ्रम फैलाने का ...और पढ़ें
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वोट चोरी नहीं, जनता ने कांग्रेस को वोट देना बंद किया: अनुराग ठाकुर
HighLights
कांग्रेस के 'वोट चोरी' के आरोपों को अनुराग ठाकुर ने नकारा।
राहुल गांधी के 13 करोड़ वोट कटने के दावे पर सवाल उठाए।
ईवीएम और चुनाव आयोग पर कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया।
बलवान करिवाल, चंडीगढ़। भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर वोट चोरी के मुद्दे पर देश में भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वोट चोरी नहीं हुई, बल्कि जनता ने कांग्रेस को वोट देना बंद कर दिया है।
कांग्रेस अपनी चुनावी हार का ठीकरा कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी एसआईआर पर फोड़ रही है। इस दौरान चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट चोरी नहीं हुई, बल्कि चोरों को वोट मिलना बंद हो गया है। जनता ने अपने मताधिकार से फैसला सुनाया है, लेकिन कांग्रेस उस फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रही है। भाजपा कार्यालय कमलम में आयोजित प्रेस वार्ता में यह बात कही।
अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के 13 करोड़ लोगों के वोट कटने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इतने बड़े स्तर पर वोट काटे गए हैं तो कांग्रेस को उन मतदाताओं के नाम और प्रमाण सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पिछले वर्ष नवंबर में सबूत देने की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया। उन्होंने सवाल किया कि यदि 13 करोड़ लोगों के वोट कटे होते तो देश में हाहाकार मच जाता। कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंटों को भी ऐसे मतदाताओं की जानकारी देनी चाहिए।
ठाकुर ने कहा कि मतदाता सूची में सुधार एक नियमित प्रक्रिया है। एसआईआर के दौरान मृतकों, डुप्लीकेट मतदाताओं, पता नहीं चल पाने वाले लोगों और स्थायी रूप से स्थान बदल चुके मतदाताओं के नामों की जांच की जाती है। उन्होंने दावा किया कि करीब 2.80 करोड़ मृतकों, एक करोड़ डुप्लीकेट मतदाताओं, तीन करोड़ ऐसे लोगों जिनका पता नहीं चल पाया और करीब 6.30 करोड़ स्थान बदलने वाले मतदाताओं से संबंधित आंकड़े इस प्रक्रिया में सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। 1952 से अब तक 12 बार एसआईआर हो चुका है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस की सरकारों के दौरान हुआ। जब कांग्रेस के शासनकाल में यही प्रक्रिया सही थी तो अब इस पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा कि वहां भी सरकारी योजनाओं का लाभ एसआईआर में नाम दर्ज होने के आधार पर देने की बात कही गई है।
ईवीएम और चुनाव आयोग पर भी कांग्रेस को घेरा
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पहले ईवीएम पर सवाल उठाती रही, फिर वीवीपैट की मांग की और अब चुनाव आयोग को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हर चुनाव में हार के बाद चुनाव प्रक्रिया में खामी नजर आने लगती है। उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह कभी चुनाव आयोग, कभी अधिकारियों और कभी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं, जबकि उन्हें अपनी पार्टी की हार के कारणों पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने गांधी परिवार पर भी निशाना साधते हुए इंदिरा गांधी के चुनाव को अदालत द्वारा निरस्त किए जाने, राजीव गांधी के समय बूथ कैप्चरिंग के आरोपों और कांग्रेस शासन में अनुच्छेद 356 के इस्तेमाल का उल्लेख किया। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन, एमएस गिल, रमा देवी और नवीन चावला का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में चुनाव आयोग के पदों पर राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया गया।
रैली और चुनावी हार पर भी कसा तंज
ठाकुर ने दिल्ली में राहुल गांधी की रैली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दस लाख लोगों को जुटाने का दावा किया गया था, लेकिन रामलीला मैदान आधा खाली रहा। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पांच राज्यों के चुनावों में चार राज्यों में कांग्रेस को हार मिली, जबकि केरल में उसकी सरकार बनी। उन्होंने सवाल किया कि यदि राहुल गांधी चुनाव प्रक्रिया को गलत मानते हैं तो क्या केरल के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी इस्तीफा दे देना चाहिए?
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी दल चुनाव आयोग तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ठाकुर ने चीन से कांग्रेस को चंदा मिलने का आरोप लगाते हुए कन्फ्यूशियस के नाम के जरिए कांग्रेस पर कटाक्ष भी किया।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2012 से 2026 के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, उत्पादन, अंतरिक्ष और बिजली समेत विभिन्न क्षेत्रों में देश ने प्रगति की है। लोकतंत्र में सरकारों का फैसला जनता करती है और चुनाव में हारने वाले दलों को जनता के निर्णय को स्वीकार करना चाहिए।
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