जासं, चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की ताजपोशी पर पुलिस ने ही नहीं बल्कि चंडीगढ़ नगर निगम ने मेहरबानी दिखाई। सेक्टर-15 के कांग्रेस भवन के बाहर सड़क के बीचो बीच खंभों पार्टी के तमाम बैनर पोस्टर लगाए गए थे। जबकि विज्ञापन कंट्रोल के एक्ट के तहत इसके लिए नगर निगम से मंजूरी लेना जरूरी है। इसके लिए फीस भी जमा करवानी होती है। स्थिति यह थी कि कार्यक्रम संपन्न होने के 24 घंटे बाद तक शनिवार दोपहर तक यह पोस्टर नहीं हटाए जा सके। हालांकि दोपहर बाद इसे हटा दिया गया। मालूम हो कि इससे पहले भी नगर निगम राजनीतिक दलों को बिना मंजूरी के पोस्टर, झंडे और बैनर लगाने पर लाखों रुपये के नोटिस भेज चुका है। लेकिन नगर निगम किसी भी राजनीतिक दल से यह राशि वसूल करने में कामयाब रहा है। वाल्मीकि जयंती पर आयोजकों को भेजा गया था 68 लाख का नोटिस

पिछले साल नगर निगम ने वाल्मीकि जयंती पर शोभा यात्रा पर बैनर्स लगाने पर नगर निगम ने 68 लाख रुपये के जुर्माने का नोटिस भेजा था। साल 2015 में पंजाब युवा कांग्रेस को भी लाखों रुपये का नोटिस भेजा जा चुका है। इसके साथ ही नगर निगम पंजाब विश्वविद्यालय में चुनाव लड़ने वाले छात्र नेताओं को अब तक 3 करोड़ 60 लाख रुपये के नोटिस विज्ञापन कंट्रोल एक्ट के तहत भेज चुका है है। झंडों और होर्डिंग बिना मंजूरी के लगाना विज्ञापन कंट्रोल एक्ट 1954 के तहत वायलेशन है। इसके तहत वायलेशन करने पर 100 रुपये प्रति वर्ग फुट का प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाने का प्रावधान है। शुल्क जमा करवाए बिना किसी को भी शहर के सार्वजनिक स्थलं पर पोस्टर और बैनर लगाने की मंजूरी नहीं है। सेक्टर-15 और उसके आसपास जो पोस्टर और बैनर लगे थे उन्हें हटा दिया गया है।

- सौरभ अरोड़ा, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम।

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