चंडीगढ़, जेएनएन। मोटर व्हीकल एक्ट-2019 लागू होने के बाद से ही सुर्खियों में है। शुक्रवार को एडमिनिस्ट्रेटर्स एडवाइजरी काउंसिल की मीटिंग में इस मुद्दे पर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और सांसद किरण खेर ने अलग रुख व्यक्त किया। प्रशासक बदनौर ने एक्ट पर दो महीने नरमी बरतने का डीजीपी को सुझाव दिया तभी सांसद किरण खेर ने बीच में बोलते हुए कहा कि कोई जरूरत नहीं है नरमी बरतने की, पुलिस नियम तोड़ने पर सख्ती बरते।

दरअसल पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन ने न्यू मोटर व्हीकल एक्ट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई राज्यों ने यह एक्ट लागू नहीं किया है। पंजाब भी इनमें से एक है और चंडीगढ़ में पंजाब के रूल्स फॉलो होते हैं। जल्दबाजी न कर दो-तीन महीने लोगों को जागरूक करना चाहिए। इस पर प्रशासक ने कहा कि कई राज्य लोगों को जागरूक करने के लिए इनोवेटिव आइडियाज पर काम कर रहे हैं। ओडीशा में लोगों को नि:शुल्क हेलमेट बांटे जा रहे हैं। चंडीगढ़ में भी दो महीने लोगों को जागरूक करने पर फोकस होना चाहिए। इस दौरान पुलिस को नरमी बरतनी चाहिए।

इसके जवाब में किरण खेर ने सख्ती बनाए रखने की हिदायत दे दी। एडवाइजरी काउंसिल की मीटिंग में लॉ एंड ऑर्डर, पार्किग पॉलिसी और सुखना लेक की रोड पर ट्रैफिक बंद करने पर प्रेजेंटेशन हुई। किरण खेर ने लेक पर बढ़ते ट्रैफिक पर चिंता जताई। इस एरिया को व्हीकल फ्री करने का सुझाव दिया।

शहर में स्ट्रे डॉग्स की भरमार

पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन ने कहा कि पालतू कुत्ते पार्क में लाना मना है लेकिन स्ट्रे डॉग्स की भरमार है। डॉग स्टरलाइजेशन कागजों में है। इन्हें कौन रोकेगा। पुलिस को करें फ्री चंडीगढ़ पुलिस ही जागरूकता कैंपेन चला रही है। जबकि यह काम सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट को विभिन्न एजेंसियों, एनजीओ के साथ मिलकर करना चाहिए। पुलिस को फ्री करना चाहिए।


मीटिंग में किसने, क्या कहा
पार्किंग बड़ी समस्या बन रही है। इस पर ध्यान देना होगा। सुखना पर वाहन फ्री का समर्थन करता हूं। लेकिन स्ट्रे डॉग्स नहीं होने चाहिए।
-पवन कुमार बंसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री

शहर की जनसंख्या साढ़े 13 लाख को पार कर गई है। दिल्ली और पंचकूला में स्टिल्ट पार्किग को मंजूरी दी गई है। चंडीगढ़ को भी ऐसे बदलाव करने होंगे। ट्रैफिक सिग्नल पर भिखारियों की समस्या भी विकराल हो चुकी है। कोई सिग्नल ऐसा नहीं बचा जहां भिखारी न हों। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का मजबूत विकल्प बेहद जरूरी है।
-संजय टंडन, अध्यक्ष, चंडीगढ़ भाजपा

बस क्यू शेल्टर वर्षों से टूटे पड़े हैं। इनकी जगह नए बस क्यू शेल्टर नहीं बनाए जा सके। लोगों को बरसात और धूप में रुकना मुश्किल हो जाता है। अकसर बाहरी गाड़ियों को रोका जाता है। जरूरी होने पर ही ऐसा होना चाहिए। स्कूलों में बच्चों को एडमिशन नहीं दिया जा रहा। पेरेंट्स को डीईओ ऑफिस पहुंचकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
-देवेंद्र बबला, काउंसलर, कांग्रेस

अंडरपास ऐसी जगह बनाए जाने चाहिए जहां लोग इनका इस्तेमाल भी करें। सेक्टर-16-17 कनेक्टिंग अंडरपास का कोई फायदा नहीं होगा। पार्किग की जगह नहीं बची है। इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। लेकिन कजेशन टैक्स लगाकर लोगों पर बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।
-प्रदीप छाबड़ा, अध्यक्ष, कांग्रेस

शहर में कई जगह मल्टीलेवल पार्किग की जरूरत है। लेकिन आज तक एक भी नहीं बन पाई। दिल्ली फाइनेंस कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर रेवेन्यू का 30 प्रतिशत शेयर नगर निगम को मिलना चाहिए। आरएलए जैसे चार डिपार्टमेंट एमसी को सौंपे जाने चाहिए।
-देवेश मोदगिल, पूर्व मेयर, चंडीगढ़

ट्राईसिटी में सेना के काफी लोग रहते हैं। ऐसे में एडवाइजरी काउंसिल मी¨टग में आर्मी को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। साइकिल को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। स्कूलों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर फोकस होना चाहिए।
-केजे सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल, रिटायर्ड

सुखना लेक को व्हीकल फ्री करने से पहले लोगों से राय ली जानी चाहिए। मध्य मार्ग पर बहुत से होटल खुल गए हैं जिससे पार्किग समस्या बन गई है। जबकि यह शोरूम हैं।
-आरके साबू, समाजसेवी

कार पूल सिस्टम शुरू करना चाहिए। इसमें बच्चों की मदद ली जा सकती है। स्कूलों के जरिये यह कैंपेन शुरू होनी चाहिए। स्कूलों से ही इसकी शुरुआत हो सकती है। इससे सड़कों पर कारों की संख्या कम होगी।
-विवेक अत्रे, पूर्व आइएएस


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