मोहाली, जेएनएन। अपनी तीन साल की चचेरी बहन से दुष्कर्म करने के आरोप में नेपाल के रहने वाले एक नाबालिग को तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेजा गया है। नाबालिग को दुष्कर्म का दोषी ठहराया गया है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड मोहाली की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट रूचि स्वप्न शर्मा ने 14 साल के नाबालिग को तीन साल के लिए बाल सुधार जेल भेजने के निर्देश जारी किए हैं।

नाबालिग के खिलाफ मई 2019 में खरड़ में बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। पीडि़त बच्ची को खरड़ से सरकारी मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल (जीएमएसएच) सेक्टर-16 चंडीगढ़ ले जाया गया था। बच्ची की मां ने चाइल्ड हेल्पलाइन को शिकायत की थी। 14 साल का नाबालिग 8वीं कक्षा में पढ़ता था। उनका परिवार मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था और पीडि़ता के पिता खरड़ में मजदूरी करके रोजी रोटी कमाते हैं। घरों में कामकाज करने वाली पीडि़ता की मां तीन मई 2019 को शाम को करीब 5.45 पर घर आई और उसने देखा कि उसकी बेटी ने उससे पेट दर्द होने की शिकायत की। जब मां ने उससे पूछा तो उसने वारदात की जानकारी दी। 

 नशा तस्करों को ढाई महीने सजा और जुर्माना 

एसटीएफ ने फेज-6 वेरका चौक के पास 45 ग्राम हेरोइन के साथ मिंगलदीप निवासी डड्डूमाजरा चंडीगढ़ और रोहित कुमार निवासी मलोया चंडीगढ़ को गिरफ्तार किया था। मामले में एडीशनल जिला सेशन जज संजय अग्निहोत्री की अदालत ने दोनों दोषियों को ढाई-ढाई महीने की कैद व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एसटीएफ के अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि खरड़ से दो युवक चंडीगढ़ जाने के लिए फेज-6 में बस लेने के लिए खड़े हैं, जोकि नशे की तस्करी करते हैं। सूचना के बाद थानेदार हरभजन सिंह ने फेज-6 वेरका चौक से उक्त आरोपितों को 45 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया था। एसटीएफ को पूछताछ दौरान पता चला कि आरोपित रोहित जिसकी उम्र 22 साल है दिल्ली से हेरोइन खरीदकर लाता है और मंगलदीप उस से हेरोइन लेकर आगे पक्के ग्राहकों को बेचता है। एसटीएफ अनुसार दोनों युवक 8वीं व 9वीं कक्षा तक पढ़े हैं और अब बेरोजगार थे।

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Posted By: Satpaul

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