जागरण संवाददाता, मोहाली : बलटाना में वेरका के दही वाले पैकेट में मरा हुआ चूहा मिलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस पैकेट का दही खाने से 21 वर्षीय युवक व उसकी बुआ की तबीयत बिगड़ गई। दोनों को तेज बुखार और गले में खराश हुआ। हालांकि वेरका मिल्क प्लांट के जीएम ने इन आरोपों को निराधार बताया है। बीमार युवक मोहित कुमार के पिता संतोष कुमार ने बताया कि उनकी बहन आरती और बेटा बलटाना में रहते हैं। मंगलवार को दही खाने से बीमार युवक और उसकी बुआ का पंचकूला सेक्टर-6 स्थित सरकारी अस्पताल में टेस्ट करवाया गया है, जिन्हें बुखार के साथ उल्टी भी हुई। संतोष ने बताया कि उनके बेटे ने एक दिन पहले रात के समय पास की दुकान से यह दही का पैकेट खरीदा था। उनकी बहन और बेटे ने रात को पैकेट को एक कोने से काटा और उसमें से थोड़ा-थोड़ा दही निकाल कर खा लिया। सुबह जब उन्होंने दोबारा फ्रिज से दही निकाला और उसे कटौरी में डालने की कोशिश की तो वह नहीं निकला। उन्होंने सोचा शायद दही जम गया और इसलिए सख्त हो गया है। उन्होंने जब पैकेट को काटकर देखा तो उसमें मरा हुआ चूहा निकला। संतोष के मुताबिक उन्होंने दही के पैकेट पर दिए हेल्पलाइन नंबर पर कई बार फोन किए, मगर किसी ने फोन नहीं उठाया। संतोष का कहना था कि वह कंपनी में इसलिए संपर्क करना चाह रहे थे कि इस बैच के दही की डिलीवरी को रोक सकें, ताकि जहां-जहां इसकी सप्लाई जा रही है वहां दही की डिलीवरी न हो और कोई बीमार न पड़े। वेरका वाले दही के पैकेट में चूहा हो ही नहीं सकता। हो सकता है पैकेट खोल कर कहीं रख दिया गया हो और चूहा उसमें दाखिल हो गया हो। उनके प्लांट में पूरी तरह स्वच्छता बरती जाती है। प्लांट में फिल्टर लगे हैं, जहां मक्खी भी दाखिल नहीं हो सकती। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके मार्किटिग और प्रोडक्शन ब्रांच के अफसर मौके पर गए हैं। दही के पाउच में चूहे का होना संभव ही नहीं है ।

- राज कुमार, वेरका प्लांट के जीएम।

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