कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़ : शहर में 540 अवैध पेइंग गेस्ट (पीजी) बिना रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन धड़ल्ले से चल रहे हैं। यूटी पुलिस ने दो साल में मात्र 19 संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कर 12 को दोषी करवाया है। इनसे कुल 6700 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वालों से वसूली की कुल रकम संचालकों के एक केबिननुमा कमरे के किराये से भी कम है। अवैध संचालकों में सबसे ज्यादा 1200 और सबसे कम 200 रुपये जुर्माना वसूला गया है। 2018 में सात केस और 2019 में 12 अवैध संचालकों पर केस दर्ज किया गया था। सेक्टर-32डी स्थित अवैध पीजी हाउस में आग से तीन छात्राओं की मौत हो गई थी। इस मामले में सेक्टर-34 थाना पुलिस एक संचालक नीतेश बंसल को गिरफ्तार कर मकान मालिक गौरव अनेजा और दूसरे संचालक नीतेश पोपली की तलाश में छापेमारी कर रही है। यहां इतने केस दर्ज

कजहेड़ी - 4

बुड़ैल- 2

सेक्टर 15-2

सेक्टर 20-2

सेक्टर 33-2

सेक्टर 32-1

सेक्टर 35- 2

सेक्टर 10-1

सेक्टर 21-1

सेक्टर 34-1

सेक्टर 44-1 यहां चल रहे अवैध पीजी

शहर में सबसे अधिक पीजी सेक्टर-15, 16, 7, 8, 9, 10, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 32,33, 34, 35, 36, 37, 40, 42, 44, 43, 55, 53 और 51 में चल रहे हैं। एक-एक कमरे में छह-सात स्टूडेंट्स को रखकर उनसे मोटी कमाई की जाती है। अधिकांश पीजी में कॉलेज स्टूडेंट्स और कोचिग सेंटरों में कोचिग लेने वाले शामिल हैं। इतना ही नहीं, शहर की कॉलोनियों, हाउसिग बोर्ड और चीप हाउस के मकानों तक में अवैध तरीके से पीजी रखे जा रहे हैं। ये मकान पीजी चलाने के नियमों के दायरे में नही आते हैं। अब पुलिस की डोर-डोर वेरिफिकेशन

शहर के मकान में टू-लेट के बोर्ड लगाने वालों के घर बीट पुलिस डोर-टू-डोर जाकर वेरिफिकेशन कर रही है। वहीं, पीजी और किरायेदारों के वेरिफिकेशन के लिए यूटी पुलिस विभाग के ई-बीट बुक सिस्टम घर बैठे डाउनलोड कर सकते हैं।

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