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पंजाब में त्योहारों पर मिलावट का खेल जारी, दूध और मिठाइयों के 51 नमूने फेल; विभाग सख्त

Published: Wed, 04 Nov 2026 04:43 PM (IST)

पंजाब में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में दूध और दूध से बने 437 नमूनों में से 218 गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिनमें 51 असुरक्षित पाए गए।

पंजाब में त्योहारों पर जांच में 51 नमूने असुरक्षित मिले। फाइल फोटो

पंजाब में त्योहारों पर जांच में 51 नमूने असुरक्षित मिले। फाइल फोटो

HighLights

  1. 437 दूध नमूनों में से 218 गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।

  2. 51 नमूने असुरक्षित घोषित, मिलावटखोरी पर सख्त कानूनी कार्रवाई जारी।

  3. त्योहारों में विशेष जांच अभियान, उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। त्योहारों पर घर आने वाले मेहमानों का स्वागत हो या रिश्तेदारों के लिए मिठाई का डिब्बा खरीदना, दूध, पनीर, खोया और देसी घी हर घर की खरीदारी का हिस्सा होते हैं। लेकिन जिस मिठाई को परिवार के साथ खुशी से खाया जाता है, उसकी शुद्धता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।

पंजाब में खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया जांच में दूध और दूध से बने उत्पादों के 437 नमूनों में से 218 निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 51 नमूने ऐसे थे, जिन्हें असुरक्षित घोषित किया गया। यानी त्योहारों के दौरान बाजार से खरीदे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है।

त्योहारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए पंजाब के सभी 23 जिलों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया है। पिछले एक महीने में विभाग की टीमों ने मिठाई की दुकानों, डेयरियों, खाद्य निर्माण इकाइयों, थोक मंडियों, रेस्टोरेंट और खुदरा दुकानों की जांच की।

इस दौरान 110 क्विंटल से अधिक संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। इनमें देसी घी, पनीर, खोया, मिठाइयां, खाद्य तेल और वनस्पति शामिल हैं। करीब 50 क्विंटल ऐसे दूध उत्पादों और मिठाइयों को नष्ट कराया गया, जो खाने योग्य नहीं थे।

दूध से बने उत्पादों की जांच में सामने आई तस्वीर

विभाग ने पूरे प्रदेश से खाद्य पदार्थों के कुल 1950 नमूने एकत्रित किए। इनमें पनीर और खोये की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। दूध और दूध से बने उत्पादों के 437 नमूनों की जांच में 218 मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें से 51 को असुरक्षित और मिलावटी घोषित किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

सिर्फ मिठाई नहीं, रसोई में इस्तेमाल होने वाली चीजें भी जांच के दायरे में

विभाग की निगरानी केवल मिठाई की दुकानों तक सीमित नहीं है। घरों में रोजाना इस्तेमाल होने वाले दूध, घी, खाद्य तेल, वनस्पति और मसालों की भी जांच की जा रही है। इसका सीधा संबंध हर परिवार की सेहत से है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए असुरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन नुकसानदेह हो सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने मिलावटखोरी के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपनाई है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एफडीए पंजाब की कमिश्नर कंवल प्रीत बराड़ ने बताया कि अधिकारियों को संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने तत्काल खरड़ स्थित स्टेट फूड एंड ड्रग लैबोरेटरी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानों और निर्माण इकाइयों में साफ-सफाई, कच्चे माल की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों के सही भंडारण की भी जांच की जा रही है।

खरीदारी करते समय उपभोक्ता क्या रखें ध्यान में

विभाग ने लोगों से पंजीकृत और लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदने की अपील की है। मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, ताजगी और प्रतिष्ठान की स्वच्छता पर ध्यान देना जरूरी है। किसी खाद्य पदार्थ या दुकान में मिलावट का संदेह होने पर विभाग को सूचना दी जा सकती है। आखिर त्योहार की खुशी तभी पूरी होगी, जब घर आने वाली मिठाई स्वाद के साथ सेहत भी सुरक्षित रखेगी।

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