जेएनएन, चंडीगढ़/अमृतसर। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से ठीक पहले मोदी सरकार ने कई साल से काली सूची में शामिल विदेश में रह रहे सिखों को बड़ी राहत दी है। काली सूची में शामिल 314 में से 312 सिखों को इस सूची से बाहर कर दिया गया है। अब इन सिखों और उनके परिवार के सदस्यों का भारत आना संभव हो सकेगा।

सिखों की विवादित 'काली सूची' को केंद्र सरकार की ओर से रद करने के फैसले का मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर सिख को पंजाब आने और दरबार साहिब के दर्शन करने का पूरा अधिकार है, जो 80 और 90 के दशक में ऑपरेशन ब्लूस्टार व सिख विरोधी दंगों के कारण अपना देश छोड़कर विदेश चले गए थे। केंद्र सरकार का फैसला सिख भाईचारे के उन सदस्यों को देश वापस लाने में सहायक सिद्ध होगा, जो बुरे दौर के कारण देश छोड़कर चले गए थे। अब वे अपने घर वापस आकर अपने परिवारों से मिल सकेंगे।

सरकार का कदम प्रशंसनीय: लोंगोवाल

एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने इसे प्रशंसनीय कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे सिखों में खुशी की लहर है। एसजीपीसी लंबे समय से यह मांग कर रही थी। विदेश में शरण लेने वाले सिखों को बड़ी राहत मिली है। वे अपने परिवार के सदस्यों से मिलने से वंचित थे। अब वे श्री हरिमंदिर साहिब के भी दर्शन कर सकेंगे। एसजीपीसी इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करती है।

पूरी सूची वेबसाइट पर सार्वजनिक करे सरकार: जीके

दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने सरकार को पूरी सूची वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग की है। जीके ने कहा कि इस सूची में अधिकतर वो सिख शामिल हैं, जिन्होंने विदेश में सियासी पनाह ले रखी थी। इस वजह से इन्हें इस सूची में रखा गया था। 2019 के आम चुनाव के दौरान सरकार ने इस सूची को खत्म करने का वादा किया था, जिसे अब पूरा कर दिया है।

काली सूची पर कांग्रेस व अकाली दल में क्रेडिट वॉर

वहीं, सिखों से संबंधित काली सूची खत्म करने के फैसले के बाद पंजाब में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के बीच क्रेडिट वॉर भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसे कांग्रेस सरकार के प्रयासों का असर बताया है, तो शिअद के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने दावा किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और अकाली दल केंद्र सरकार के पास लगातार यह मामला उठा रहा था।

क्या होती है काली सूची

देश के विरुद्ध साजिश रचने या देश विरोधी गतिविधियां करने वाले विदेश में बैठे लोगों के नाम काली सूची में शामिल होते हैं। इस लिस्ट में शामिल लोगों को देश में आने की इजाजत नहीं होती है। केंद्र सरकार समय-समय पर इस सूची को रिव्यू करती रहती है। इसमें ज्यादातर नाम तब के थे जब पंजाब में आतंकवाद चरम पर था।

Posted By: Kamlesh Bhatt

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