जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : क‌र्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाओं में लगे लोगों को घरों से बाहर निकलकर अपने काम करने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने ई-पास बनाने 28 मार्च से शुरू किए थे। ऐसे में तब से लेकर अब तक करीब 29 हजार लोगों ने ई-पास के लिए अप्लाई किया है। वहीं, अथॉरिटी ने ई-पास अप्लाई करने वालों की वजह को अपने स्तर पर जांचने के बाद ही करीब तीन हजार लोगों को ई-पास जारी किए। ई-पास अथॉरिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि क‌र्फ्यू के दौरान घरों से बाहर निकलने के लिए शहरवासियों से ऑनलाइन आवेदनों की भीड़ लगी है। जो आवेदन प्राप्त होते हैं, उनकी जांच की जाती है, इसके लिए दिए गए कारणों को अच्छी तरह से पढ़ा जाता है और जरूरी वजह जान पड़ ही पास की अनुमति दी जाती है। बताया कि कुछ लोगों ने पास बनवाने के लिए उच्च अधिकारियों की सिफारिश भी लगाई लेकिन जरूरी वजह न मिलने पर उनके पास नहीं बनाए गए है। बताया कि क‌र्फ्यू पास के लिए जिन आवेदनों की अनुमति दी गई है, उनमें आपातकालीन सेवाएं जैसे मेडिकल इमरजेंसी, दाह संस्कार, आवश्यक वस्तुओं का वितरण और शहर में अकेले रहने वाले सीनियर सिटीजंस के केयर करने वाले अटेंडेंट आदि लोगों को तवज्जो दी गई है। एनजीओ और डॉग लवर्स भी मांग रहे पास

प्रशासन के पास ऐसे भी आवेदन आए हैं जिसमें कुछ एनजीओ या डॉग लवर्स शामिल र्ह। ये लोग शहर में आवारा कुत्तों को भोजन देने के लिए क‌र्फ्यू पास की मांग कर रहे है। लेकिन ऐसे लोगों के पिछले रिकॉर्ड की पुष्टि करने के बाद ही कि क्या वे पहले भी आवारा कुत्तों की सेवा कर चुके थे या नहीं, उसके बाद ही पास जारी किए गए हैं।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!