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हरियाणा में 2814 सरकारी स्कूल जर्जर, अंबाला के चमन वाटिका में दाखिलों पर पूरी तरह रोक; 118 स्कूलों का होगा पुनर्निर्माण

Published: Sun, 04 Oct 2026 04:16 PM (IST)

हरियाणा में 2,814 सरकारी स्कूल भवन जर्जर पाए गए हैं, जिनमें से 118 अत्यधिक खराब भवनों के पुनर्निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

हरियाणा में 2814 सरकारी स्कूल जर्जर। फाइल फोटो

हरियाणा में 2814 सरकारी स्कूल जर्जर। फाइल फोटो

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में जर्जर और असुरक्षित इमारतों को लेकर सरकारी स्तर पर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। राज्य सरकार ने ऐसी खतरनाक और दुर्घटना संभावित इमारतों का ब्योरा जुटाने के निर्देश संबंधित विभागों के दे रखे हैं।

सरकारी स्कूलों को लेकर सरकार के पास सर्वे का आंकड़ा उपलब्ध हो चुका है। इसके अनुसार प्रदेश में 2,814 सरकारी स्कूल भवन जर्जर हालत में पाए गए हैं। इनमें से अत्यधिक जर्जर और मरम्मत के योग्य नहीं पाए गए 118 स्कूल भवनों को नए सिरे से बनाया जाएगा। इनके पुनर्निर्माण और आधुनिक स्वरूप देने के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।

हरियाणा सरकार की ओर से स्कूल भवनों को लेकर उठाया गया यह कदम बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे यह सवाल भी सामने आता है कि स्कूलों के अलावा प्रदेश में मौजूद अन्य सरकारी और निजी इमारतों की सुरक्षा स्थिति का समग्र आकलन कब और किस स्तर पर होगा।

भवन निर्माण से जुड़े विभागों के साथ-साथ स्थानीय निकायों और अन्य संबंधित एजेंसियों के पास अपने-अपने स्तर पर सूचनाएं हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल इनका कोई साझा डेटाबेस उपलब्ध नहीं है।

स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश जारी

इसी बीच अंबाला के चमन वाटिका गुरुकुल का मामला जर्जर भवनों और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को गंभीर बना रहा है। गुरुकुल के भवन की स्थिति और सुरक्षा मानकों को लेकर शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

खासतौर पर इंटरनेट मीडिया पर नए दाखिलों के लिए आवेदन मांगे जाने की जानकारी सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में निर्देश दिया गया है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक चमन वाटिका गुरुकुल में किसी भी विद्यार्थी का नया दाखिला नहीं किया जाएगा। मामले की गहन जांच के लिए शिक्षा विभाग की ओर से एसडीएम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष कमेटी गठित की गई है।

कमेटी भवन की स्थिति, विद्यार्थियों की सुरक्षा और संबंधित सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। शिकायत में भवन के जर्जर होने के साथ-साथ सुरक्षा तथा अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक विद्यार्थियों की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही या समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रदेश में भवन सुरक्षा की निगरानी बेहद जरूरी

हरियाणा के शिक्षा विभाग ने चमन वाटिका गुरुकुल स्कूल के प्रबंधन को चेतावनी दी है कि आदेशों की अवहेलना होने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी और इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। आदेश की प्रतियां निदेशक, सेकेंडरी शिक्षा हरियाणा, उपायुक्त अंबाला, एसडीएम अंबाला शहर और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई हैं।

चमन वाटिका गुरुकुल प्रकरण ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि भवनों की सुरक्षा जांच के लिए अलग-अलग विभागों के पास मौजूद सूचनाओं को एक साझा तंत्र में क्यों नहीं जोड़ा जा रहा।

2,814 जर्जर सरकारी स्कूल भवनों का आंकड़ा उपलब्ध होने के बावजूद निजी और अन्य सरकारी भवनों की स्थिति का समग्र रिकार्ड न होना प्रदेश में भवन सुरक्षा की निगरानी के लिए एक बड़ी सूचना-खामी को दर्शा रहा है। दिल्ली व अंबाला समेत विभिन्न क्षेत्रों में एक के बाद एक हुए हादसों के बाद बचाव के लिए सावधानी जरूरी हो गई है।