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कनाडा में पकड़े गए 17 पंजाबी युवा, पंजाब पुलिस ने बढ़ाया जांच का दायरा; खंगाले जा रहे हैं विदेशी गैंग से जुड़े तार

Published: Tue, 26 May 2026 11:10 AM (IST)

कनाडा में पंजाबी मूल के 17 युवाओं की गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया है।

कनाडा में पकड़े गए पंजाबी मूल के युवाओं के नेटवर्क पर पंजाब पुलिस की बड़ी पड़ताल (प्रतीकात्मक फोटो)

कनाडा में पकड़े गए पंजाबी मूल के युवाओं के नेटवर्क पर पंजाब पुलिस की बड़ी पड़ताल (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. कनाडा में 17 पंजाबी युवाओं की गिरफ्तारी।

  2. फिरौती, फायरिंग, आगजनी के आरोप लगे।

  3. पंजाब पुलिस खंगाल रही विदेशी गैंग कनेक्शन।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। कनाडा में पंजाबी कारोबारियों को धमकाकर फिरौती मांगने, फायरिंग और आगजनी की घटनाओं में पंजाबी मूल के 17 युवाओं की गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब पंजाब पुलिस का ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) केंद्रीय जांच एजेंसियों के लगातार संपर्क में है और गिरफ्तार युवाओं के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गया है।

सूत्रों के अनुसार पंजाब पुलिस इस मामले को सिर्फ कनाडा तक सीमित अपराध नहीं मान रही, बल्कि इसे विदेश में बैठे गैंग्स और पंजाब में सक्रिय मॉड्यूल के संभावित नेटवर्क के रूप में देख रही है। इसी कारण ओएफटीईसी सेल को गिरफ्तार युवाओं के मूल रिकॉर्ड, विदेश जाने की जानकारी, पुराने संपर्क और संभावित गैंग लिंक खंगालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कनाडा की पील रीजनल पुलिस ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए पंजाबी मूल के 17 युवाओं को गिरफ्तार किया था। इनमें ब्रैम्पटन का 25 वर्षीय इकबाल सिंह भागड़िया, 24 वर्षीय आकाशदीप सिंह, 25 वर्षीय रविंदर सिंह, 21 वर्षीय जशनबीर सिंह, दिलावरप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, प्रभदीप सोहल, प्रतापबीर घुम्मण, अजयदीप सिंह और नवरोप सिंह सहित अन्य शामिल हैं।

अमेरिका के कैलिफोर्निया निवासी 22 वर्षीय गौतम गौतम को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर कारोबारियों को धमकाकर फिरौती मांगने, फायरिंग और आगजनी जैसी घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं। कनाडाई एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क से अब तक 24 घटनाओं को जोड़ा गया है और 106 आरोप दर्ज किए गए हैं।

सूत्र बताते हैं कि ओएफटीईसी सेल ने गिरफ्तार युवाओं के नाम, यात्रा रिकॉर्ड, पासपोर्ट डिटेल, पुराने मोबाइल नंबर और इंटरनेट मीडिया गतिविधियों का डाटा जुटाना शुरू कर दिया है। इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के माध्यम से भी सूचनाएं मांगी गई हैं। पंजाब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये युवक किन जिलों और गांवों से संबंध रखते हैं और विदेश जाने से पहले किन लोगों के संपर्क में थे।

जांच एजेंसियों का मानना है कि विदेश में बैठे गैंग्स अब इंटरनेट मीडिया और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए पंजाब में युवाओं तक पहुंच बना रहे हैं। पहले उन्हें छोटे कामों में इस्तेमाल किया जाता है, फिर धीरे-धीरे उन्हें बड़े नेटवर्क का हिस्सा बना दिया जाता है।

इसी कारण पुलिस गिरफ्तार युवाओं के डिजिटल नेटवर्क और पुराने संपर्कों की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार पंजाब पुलिस ने पिछले कुछ समय में गैंगस्टर नेटवर्क, विदेश में सक्रिय अपराधियों और संदिग्ध इंटरनेट मीडिया प्रोफाइल का बड़ा डाटा बैंक तैयार किया हुआ है।

अब कनाडा में गिरफ्तार युवाओं के रिकॉर्ड का इसी डाटा से मिलान किया जा रहा है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इन युवाओं का संबंध पहले से निगरानी में चल रहे किसी गैंग मॉड्यूल से तो नहीं था।

जांच एजेंसियों को यह भी शक है कि विदेशों में बैठे कुछ गैंग्स पंजाब में छोटी वारदातें करवाने, धमकी दिलवाने और रंगदारी नेटवर्क चलाने के लिए स्थानीय स्तर पर युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में ओएफटीईसी सेल अब केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटा हुआ है।

पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार फिलहाल कनाडाई एजेंसियों से और इनपुट मांगे गए हैं। यदि जांच में पंजाब कनेक्शन सामने आता है तो आने वाले दिनों में राज्य में भी कार्रवाई हो सकती है।