सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन के सोशल वेलफेयर विभाग की तरफ से शुरू की गई परवरिश योजना से शहर के 150 बच्चों लाभांवित होंगे। कोरोना संक्रमण से अपने माता-पिता खाे चुके 18 साल से कम उम्र के बच्चों की मदद के लिए सोशल वेलफेयर विभाग की डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट (डीसीपीयू) ने परवरिश योजना की शुरुआत की है। इस योजना का लाभ लेने के लिए 30 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए उन्हीं बच्चों का रजिस्ट्रेशन होगा जिनके माता-पिता का देहांत एक जनवरी 2021 के बाद कोरोना के कारण हुआ है और उनकी आयु माता-पिता के देहांत के समय 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।

परवरिश योजना को शुरू करने से पहले सोशल वेलफेयर विभाग ने चंडीगढ़ शिक्षा विभाग और शहर के आंगनबाड़ी सेंटर्स के साथ मिलकर सर्वे किया था, जिसमें 150 बच्चों की पहचान की गई थी। योजना में उन बच्चों को बेहतर परवरिश और सुविधाएं देने के मकसद से स्कालरशिप से लेकर फिक्स डिपाजिट देने की प्लानिंग की है। विभागीय जानकारों की मानें तो इस योजना से बच्चों को खाने-पीने से लेकर एजुकेशन के लिए विभाग की तरफ से आर्थिक मदद दी जाएगी। इन बच्चों को शहर में ही सभी तरह सुविधाएं दी जाएंगी।

यह मिलेगा लाभ

परवरिश योजना के तहत कोरोना से माता-पिता खोने वाले बच्चों का तीन लाख रुपये का फिक्स डिपाजिट होगा, जिसे बच्चा 21 वर्ष की आयु पूरा होने पर ही निकाल सकेगा। जब तक बच्चे की आयु 18 वर्ष पूरी नहीं हो जाती उसे पांच हजार रुपये मासिक राशि मिलेगी। सरकारी स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह से फ्री रहेगी और यदि बच्चा प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई कर रहा है तो भी उसे आर्थिक मदद दी जाएगी। स्कूल के बाद बच्चा यदि डिप्लोमा करता है तो उसे 25 हजार रुपये वार्षिक मिलेंगे। इसी प्रकार से ग्रेजुएशन या फिर कोई तीन वर्षीय डिग्री के लिए 50 हजार रुपये वार्षिक, प्रोफेशनल डिग्री के लिए एक लाख रुपये साल का मिलेगा।

मलोया स्थित स्नेहालय में होगा रजिस्ट्रेशन

डीसीपीयू इंचार्ज तब्बूसुम खान ने बताया कि योजना का लाभ पाने के लिए बच्चे को मलोया स्थित स्नेहालय में आकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह रजिस्ट्रेशन किसी भी वर्किंग डे में सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक हो सकेगा। योजना का लाभ लेने के लिए चंडीगढ़ से संबंध रखने बच्चे की अप्लाई कर सकते हैं।

Edited By: Ankesh Thakur