जागरण संवाददाता, मोहाली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल एस्टेट कंपनी गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स (जीबीपीपीएल), उसके निदेशकों और सहयोगियों की 147.81 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। सूत्रों के अनुसार इन संपत्तियों में कामर्शियल, रेजीडेंशियल, कृषि भूमि और बैंक खाते शामिल हैं। जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें निदेशक सतीश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता और उनके सहयोगी अनुपम गुप्ता और नवराज मित्तल हैं। इन संपत्तियों को ईडी ने प्रीवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 के तहत कुर्क किया है।

ईडी ने गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआइआर के आधार पर मनी लान्ड्रिंग की जांच शुरू की है। ईडी की जांच से पता चला है कि कंपनी की ओर से खरीदारों से कुल 478 करोड़ रुपये की राशि एकत्र की गई थी। ईडी ने बयान जारी किया है कि बिल्डर की ओर से लोगों फ्लैट, भूखंड व कामर्शियल प्रापर्टी देने का वादा कर धोखाधड़ी की गई। हालांकि, उन्होंने न तो प्रोजेक्ट को ट्रांसफर किया और न ही उनका पैसा वापस किया गया। हड़प ली घर खरीदने वालों से एकत्र राशि ईडी की ओर से की गई जांच में यह भी पता चला है कि जीबीपीपीएल के निदेशकों ने कुछ अन्य के साथ मिलकर घर खरीदने वालों से एकत्र राशि को हड़प लिया। जालसाजी के तहत यह पैसा विभिन्न चल अचल संपत्तियों में निवेश किया गया है। ईडी ने तीन जून को दी थी आरोपितों के ठिकानों पर दबिश इससे पूर्व ईडी ने मामले में शामिल आरोपितों के विभिन्न ठिकानों पर बीते तीन जून को दबिश दी थी। तलाशी के दौरान वहां से विभिन्न दस्तावेज और चल संपत्ति जब्त की थी।