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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

श्‍ािक्षक को स्‍कूल से निकाला ताे संचालक के पोते काे अगवा कर मांगे 50 लाख

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Thu, 28 Sep 2017 11:26 AM (IST)Updated: Thu, 28 Sep 2017 11:27 AM (IST)

एक शिक्षक को बुरे आचरण के कारण संचालक ने नौकरी से निकाल दिया। इसका बदला लेने के लिए उसने स्‍कूल ...और पढ़ें

श्‍ािक्षक को स्‍कूल से निकाला ताे संचालक के पोते काे अगवा कर मांगे 50 लाख
श्‍ािक्षक को स्‍कूल से निकाला ताे संचालक के पोते काे अगवा कर मांगे 50 लाख

जेएनएन, बठिंडा। यहां एक स्‍कूल के संचालक ने एक शिक्षक को बुरे अाचरण के कारण नौकरी से निकाल दिया। इसका बदला लेने के लिए शिक्षक ने स्‍कूल संचालक के पाेते का अपहरण कर लिया। इसके बाद उसने अपने मोबाइल फोन से कॉल कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी, लेकिन वह माेबाइल के लाेकेशन के आधार पर पकड़ा गया। इस दौरान उसने पु‍लिस पर फायरिंग भी की।

इस शिक्षक ने संत कबीर पब्लिक स्कूल के संचालक के 11 वर्षीय पोते का सेंट जोसेफ कान्वेंट स्कूल के बाहर से अपने एक साथी की मदद से अपहरण किया था। वह उसे कार में बैठा कर ले गया। कार से भागते समय अपहरणकर्ता शिक्षक ने बच्चे के दादा को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती की मांगी। स्‍कूल संचालक ने तत्काल इसकी सूचना एसएसपी को दी तो शहर में नाकेबंदी कर दी गई, मगर अपहरणकर्ता पुलिस की नाकेबंदी तोड़ कर भाग गए। बाद में पुलिस ने पीछा कर अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल छुड़ा लिया।

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मॉडल टाउन निवासी डीएवी कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल एमएल अरोड़ा संत कबीर पब्लिक स्कूल के संचालक हैं। उनका बेटा दीपक अरोड़ा डाक्टर है। दीपक का 11 वर्षीय बेटा सोमिल अरोड़ा सेंट जोसेफ कान्वेंट स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ता है। दोपहर 12 करीब बजे सोमिल छुट्टी के बाद अपनी स्कूल वैन में बैठने लगा।

इसी दौरान सफेद रंग की एक्सेंट कार में आए दो युवकों ने स्कूल वैन के ड्राइवर गुरबख्श से कहा कि वे सोमिल के परिवार को अच्छे से जानते हैं। उसे पहुंचाने में समय लगाएगा, इसलिए वह घर छोड़ देंगे। गुरबख्श ने बच्चे को उनके साथ जाने दिया। दोनों युवकों ने बच्चे को कार डाल कर उसके दादा एमएल अरोड़ा को फोन कर कहा कि शाम तक 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लो, वरना उसके पोते को जान से मार देंगे।

अरोड़ा ने एसएसपी नवीन सिंगला को इसकी जानकारी के साथ अपहरणकर्ताओं का फोन नंबर दिया। इसके बाद जिले के सभी थानों के साथ हरियाणा पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया। पुलिस ने डबवाली रोड नाकेबंदी कर रखा था, लेकिन अपहरणकर्ता नाका तोड़ भाग निकले। पुलिस टीम ने अपनी गाड़ी उनके पीछे लगा ली। हड़बड़ाहट में अपहरणकर्ताओं की कार धान के खेतों में जा घुसी।

इसके बाद दोनों अपहरणकर्ता कार से उतर कर पुलिस पर फायरिंग कर दी और ईंटों से हमला कर दिया। पुलिस ने जवाबी फायर कर बच्चे को सकुशल मुक्त करा लिया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।

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बठिंडा रेंज के आइजी मुखविंदर सिंह छीना ने बताया कि आरोपी की पहचान प्रताप नगर निवासी जयदेव सिंह और सिरसा के गांव चुमाल निवासी बलजीत के रूप में हुई। दोनों के खिलाफ छात्र को अगवा करने और  पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

उन्‍होंने बताया कि दोनों से 12 बोर के दो पिस्टल और तीन कारतूस बरामद हुए हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है। इसमें अहम खुलासे होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि आरोपी जयदेव संत कबीर पब्लिक स्कूल में आर्ट एंड क्राफ्ट का टीचर था और उसे बुरे आचरण के कारण आठ माह पहले स्कूल से निकाल दिया गया था।

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गांववासी बोले, पुलिस ने नहीं हमने पकड़े अपहरणकर्ता

पुलिस की कहानी के विपरीत गांव कुटी के लोगों ने दावा किया है कि सोमिल अरोड़ा के अपहरणकर्ताओं को उन्होंने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें आरोपी बलजीत के हाथ पांव बांधकर गांववासी उससे पूछताछ कर रहे हैं।

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दो महीने से रच रहा था अपहरण की साजिश

आरोपी जयदेव ने स्कूल से उसे निकाले जाने का बदला लेने के लिए चेयरमैन के पोते को अगवा किया। इसके लिए उसने दो देसी पिस्तौल और पांच कारतूस खरीदे।  उसने पुलिस को बताया कि वह दिल का मरीज है। उसने इलाज के लिए पैसे जुटाने के लिए यह वारदात की।