साहिल गर्ग, बठिडा : विधानसभा चुनाव से पहले जिले में पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल की ओर से शुरू किया गया गरीब लोगों के घरों पर सोलर प्लांट लगाने का प्रोजेक्ट फिलहाल रोक दिया गया है। यह प्रोजेक्ट कांग्रेस सरकार के समय चुनावों से दो महीने पहले राजनीतिक फायदा लेने के लिए शुरू किया गया था। अब इस प्रोजेक्ट को मौजूदा आप सरकार ने एक जुलाई से 300 यूनिट बिजली मुफ्त कर देने का तर्क देकर बंद कर दिया है। हालांकि इस प्रोजेक्ट के तहत अब केवल 20 प्रतिशत ही काम होगा। राज्य की पूर्व कांग्रेस सरकार की ओर से प्रोजेक्ट के लिए 100 करोड़ रुपये का फंड भी जारी किया गया था। इसके तहत करीब 10 हजार घरों में सोलर लगाए जाने थे, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट के बंद होने के कारण पेडा की ओर से राज्य सरकार को 80 करोड़ रुपये वापस किए जाएंगे। इसके तहत 68 करोड़ रुपये तो वापस कर दिए गए हैं, जबकि बाकी के 12 करोड़ रुपये आने वाले एक हफ्ते में सरकार के खाते में जमा करवा दिए जाएंगे। वहीं बाकी के 20 करोड़ रुपये से करीब 2 हजार लोगों के घरों पर सोलर लगाए जाएंगे। सरकार की ओर से तैयार की गई योजना के तहत पेडा के पास 9082 आवेदन भी आए, लेकिन शुरुआती समय में पेडा की ओर से करवाए गए सर्वे में 1206 लोग योग्य पाए गए। इनके घरों पर सोलर प्लांट लगाने जाने का काम चल रहा है। वहीं बाकी रहते 800 लोगों का भी जल्द ही सर्वे करवा कर प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। इस योजना के तहत जरुरतमंद लोगों के घरों पर एक किलोवाट तक का सोलर लगाया जा रहा है। दूसरी तरफ पेडा के एमडी सुमित जारंगल का कहना है कि यह प्रोजेक्ट एक बार रोक दिया गया था। इसके लिए 68 करोड़ रुपये सरकार को वापस कर दिए हैं तो बाकी के 12 करोड़ आने वाले दिनों में कर दिए जाएंगे। वहीं जारी हुए 100 करोड़ में से बकाया 20 करोड़ रुपये से जरूरतमंद लोगों के घरों पर सोलर लगाए जाएंगे। इसके लिए पहले सर्वे करवाया जाएगा।

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सोलर पर हुई खूब राजनीति

राज्य के पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने 21 दिसंबर 2021 को यह प्रोजेक्ट शुरू करवाया था। जिसका मकसद लोगों के घरों के बिजली बिलों को कम करना था। इसको लेकर काफी विरोध भी हुआ था। यहां तक कि विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आचार संहिता लगने के बाद भी जब घरों पर सोलर लगाए जा रहे थे तो इसका बठिडा शहरी सीट से अकाली दल के प्रत्याशी सरूप चंद सिगला ने विरोध भी जताया था। जिन्होंने इसकी शिकायत भी की थी। यहां तक कि घरों पर सोलर लगाए जाने को लेकर उनके द्वारा धरना भी लगाया गया था। जिनका आरोप था कि चुनाव आचार संहिता में भी सोलर बांटे जा रहे हैं। वहीं उस समय कांग्रेस के नेताओं ने तर्क दिया था कि यह प्रोजेक्ट पास हो चुका है, जिसका टेंडर भी अलाट हो चुका है और अब इसको लगाया जा रहा है।

Edited By: Jagran