संवाद सूत्र, रामां मंडी: रामसरा रोड पर 41 लाख रुपये खर्च कर डेढ़ महीने पहले ही बनी आरसीसी की सड़क उखड़ने लगी है, जिसके चलते नगर कौंसिल रामा द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्यों पर लोग सवाल उठा रहे हैं । सड़क के निर्माण कार्य का उद्घाटन नौ सितंबर को हलका तलवंडी साबो से कांग्रेस सेवादार खुशबाज जटाना द्वारा किया गया था, जिसके बाद इस सड़क को आम लोगों के लिए खोल दिया गया, परंतु सड़क 41 दिन के भीतर ही टूटने लगी। आरसीसी सड़क से जगह-जगह से बजरी निकल रही है।

सड़क निर्माण कार्य के दौरान ही इस सड़क पर लोग सवाल उठा रहे थे कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में घटिया मैटीरियल का इस्तेमाल किया जा रहा है, परंतु इस मामले की जांच करने के लिए नगर कौंसिल अधिकारियों ने न तो सड़क निर्माण के समय कोई जांच की और न ही निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़क की जांच की, जिससे साबित होता है की सड़क निर्माण कार्य में जमकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया। इस धांधली में अधिकारियों की भूमिका भी संदेहास्पद है।

इस मामले में नगर कौंसिल रामा के जेई दविदर शर्मा ने कहा कि रामसरा रोड के निर्माण कार्य में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। वहीं उन्होंने आरटीआइ के मामले में कहा कि आरटीआइ का नगर कौंसिल द्वारा जल्द जवाब दिया जाएगा। नगर कौंसिल ने आरटीआइ का जवाब भी नहीं दिया: एडवोकेट गोयल

इस मामले एडवोकेट विक्रांत गोयल ने कहा कि नगर कौंसिल अधिकारी ठेकेदारों से सांठ-गांठ करके सरकारी खजाने को चूना लगा रहे हैं। रामसरा रोड की हालत पिछले साढ़े चार सालों में खस्ता थी, जिसके बाद जब इस सड़क का निर्माण किया गया तो उसमें भी बड़े पैमाने पर धांधली की गई। उन्होंने नगर कौंसिल रामा में होने वाले विकास कार्यों को लेकर दो महीने पहले आरटीआइ भी डाली गई थी, परंतु नगर कौंसिल अधिकारियों द्वारा अब तक इसका जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मांग की कि नगर कौंसिल रामा में हो रहे विकास कार्यो की मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाए।

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