जेएनएन, बठिंडा। रोपड़ जेल में बंद बेरोजगार बीएड अध्यापकों की रिहाई और रोजगार की मांग को लेकर टेट पास बीएड बेरोजगार शिक्षकों ने रविवार को वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल के पंचायत भवन स्थित कार्यालय के निकट प्रदर्शन किया। मौके पर केवल दो पुलिसकर्मी तैनात थे। प्रदर्शनकारी जबरन करीब डेढ सौ मीटर की दूरी पर लगाए बेरिकेड्स को हटाते हुए दफ्तर से महज 50 गज की दूरी पर पहुंच गए।

पुलिसकर्मियों के बार-बार मनाने पर भी वे वहीं धरने पर बैठ गए और राज्य सरकार, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, शिक्षा मंत्री विजय इंद्र सिगला, वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद मौके पर डीएसपी गुरजीत सिंह रोमाणा पुलिस बल के साथ पहुंचे और धरने पर बैठे हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। बेरिकेड्स से बाहर निकालने के उपरांत प्रदर्शन कारियों ने सरकार का पुतला फूंका।

15 सितंबर को संगरूर में करेंगे राज्य स्तरीय प्रदर्शन

यहां पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर धक्कामुक्की करने का आरोप लगाते हुए पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बिना महिला पुलिस कर्मियों के शिक्षिकाओं को भी धक्के मारने का आरोप लगाया। जिला प्रधान ने कहा कि बीती पांच सितंबर को खरड़ में अध्यापकों की भर्ती की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए टंकी पर चढ़ी बेरोजगार शिक्षिक पूनम रानी सहित करीब एक दर्जन साथियों को पुलिस ने उन पर केस दर्ज करके रोपड़ जेल भेज दिया है। घर-घर नौकरी देने का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस सरकार की यह बेहद शर्मनाक कार्रवाई है।

सुखविंदर ढिलवां ने कहा कि 11 अगस्त को शिक्षा मंत्री विजयइंद्र सिंगला ने संगरूर में बेरोजगार अध्यापकों से 7 सितंबर तक उनकी मांगों का हल निकालने का भरोसा दिया था, लेकिन कुछ नहीं किया। जिसके चलते आज संगरूर में पक्का मोर्चा लगाया जा रहा है। 10 सितंबर तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 15 सितंबर को विभिन्न संगठनों को साथ लेकर संगरूर में रोष मार्च निकाला जाएगा।

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