यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab: प्लॉट खरीद मामले में PCS अधिकारी बिक्रमजीत सिंह ने लगाई अग्रिम जमानत याचिका, 10 को होगी सुनवाई
मॉडल टाउन फेस वन में प्लॉट खरीद मामले (Plot Purchase Case) में फंसे पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत बादल (Manpreet Badal) और ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बठिंडा। मॉडल टाउन फेस वन में प्लाट खरीदकर पंजाब सरकार को करीब 65 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान पहुंचाने के मामले में पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत बादल समेत पीसीएस अधिकारी बिक्रमजीत शेरगिल ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।
बीते दिनों बिक्रमजीत शेरगिल ने अपने वकील के जरिए बठिंडा अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। जिसकी सुनवाई आगामी 10 अक्टूबर मंगलवार को अदालत की जाएगी। इससे पहले इसी मामले में गिरफ्तार और बोलीकर्ता अमनदीप सिंह ने भी बठिंडा अदालत में अपनी जमानत की याचिका दायर की है, जिस पर भी अदालत की तरफ से आगामी 13 अक्टूबर को सुनवाई की जानी है, जबकि पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत बादल जमानत याचिका को बीती चार अक्टूबर को जिला अदालत ने रद्द कर दी थी। अब मनप्रीत बादल अपने वकील के जरिए हाईकोर्ट में आग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर करेंगे।
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उम्मीद जताई जा रही है कि मनप्रीत बादल एक- दो दिन में हाईकोर्ट में अपनी आग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर देंगे। वहीं, विजिलेंस टीम ने मनप्रीत बादल समेत पीसीएस अधिकारी बिक्रमजीत सिंह शेरगिल और बीडीए के एस्टेट अधिकारी पंकज कालियां की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है और टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी भी कर रही है, लेकिन 14 दिन बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
मनप्रीत बादल के करीबियों से पूछताछ कर रही विजिलेंस
वहीं, दूसरी तरफ से मनप्रीत बादल की गिरफ्तारी के करने के लिए विजिलेंस टीम उनके नजदीकी लोगों पर शिकंजा कसती नजर आ रही है। बीते दिनों विजिलेंस टीम ने मनप्रीत बादल के गनमैन रहे गुरतेज सिंह पर आय से ज्यादा संपत्ति बनाने के जांच शुरू कर दी है। वहीं, शहर की सबसे महंगी कालोनी ग्रीन सिटी में 3 करोड़ रुपये की लागत से बनाई कोठी पर दबिश भी दी थी, लेकिन वह पहले कोठी को ताला लगकार फरार हो चुका था। इसके चलते वह भी अभी फरार है।
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विजिलेंस टीम मनप्रीत बादल के अति नजदीकी रहे कुछ कालोनाइजरों और प्रापर्टी डीलरों से पूछताछ कर रही है। विजिलेंस द्वारा नोटिस भी भेजा जा चुके है। वहीं, कालोनाइजरों की तरफ से कांग्रेस सरकार के समय बनी कॉलोनियों का पूरा रिकॉर्ड की विजिलेंस द्वारा जांच की जा रही है। वहीं उनसे पूछताछ भी की गई।
6 लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था मामला
गौर हो कि 24 सितंबर को मनप्रीत सिंह बादल, बीडीए के तत्कालीन प्रशासक बिक्रमजीत सिंह शेरगिल, सुपरिटेंडेंट पंकज कालिया समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस बीच पुलिस ने तीन आरोपितों राजीव कुमार, विकास अरोड़ा और अमनदीप को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि कथित आरोपित मनप्रीत बादल की गिरफ्तारी के लिए अभी भी छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपितों को पूछताछ के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
अवैध रूप से कॉमर्शियल जगह खरीदने के आरोप
पूर्व वित्तमंत्री पर बीडीए अधिकारियों के साथ मिलकर कॉमर्शियल प्लॉटों को रिहायशी में परिवर्तित करके अवैध रूप से कॉमर्शियल जगह खरीदने का आरोप लगाया गया है, जिससे सरकार को 65 लाख रुपये की वित्तीय हानि हुई। इससे पहले मनप्रीत बादल ने भी 22 सितंबर को ब्लैंकेट बेल दाखिल की थी, लेकिन पर्चा दर्ज होने के बाद यह अर्जी वापस ले ली गई थी।
