जासं, बठिडा : पंजाब राज्य फार्मेसी आफिसर्ज एसोसिएशन पंजाब के आह्वान पर रविवार को जिला एसोसिएशन की कांफ्रेंस का आयोजन शहर के निजी क्लब में किया गया। इस दौरान सरकार की तरफ से फार्मासिस्टों का काम नर्स व अन्य कर्मचारियों को देने की योजना का विरोध जताया गया और कहा कि फार्मासिस्ट डिप्लोमा के दौरान दवाईयों के संबंध में माहिर होते हैं व इस दौरान वह मरीज की जरूरत व अन्य कई मेडिकल टेक्निकल चीजों के बारे में पूरी तरह से जानकार होते हैं। इसके विपरित अगर यह काम मरीजों की केयर के बारे में जानकार नर्स व अन्य कर्मियों को दिया जाता है तो इससे मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ होगा। इस योजना को एसोसिएशन किसी भी सूरत में लागू नहीं होने देगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के प्रदेशप्रधान नरिदर मोहन शर्मा, महासचिव रविदर लूथरा, पूर्व पंजाब प्रधान शाम लाल, स्टेट कमेटी सदस्य जगदीप विर्क, जिला प्रधान पवन सिगला, पूर्व जिला प्रधान बलदेव शर्मा, रविदर गोयल, जिला फार्मेसी आफिसर राजेश कुमार व महासचिव सुखविदर सिंह सिद्धू ने पंजाब सरकार से राज्य में खाली पड़े फार्मेसी अफसरों के पदों को जल्द भरने की मांग रखी। इस दौरान सरकार की तरफ से फार्मेसी ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट 1945 में की जा रही संशोधन की निदा करते सरकार से इसे तत्काल रोकने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि फार्मेसिस्ट किसी भी कीमत पर सीएचओ, एएनएम या किसी अन्य वर्ग को दवाइयां वितरित करने का काम नहीं दे सकते हैं। इसमें पहले सरकार ने फार्मेसी अफसर को काम दे रखा है व वर्तमान में उक्त व्यवस्था सफलतापूर्वक चल रही है। उन्होंने सरकार से मांग रखी कि जिला स्तर से ब्लाक स्तर तक के स्टोर पर स्चोर इंचार्ज के साथ सहायक व कंप्यूटर आपरेटर तैनात किए जाए। इस दौरान डीए की किस्तें, पे-कमिशन और अन्य लंबित मांगों को जल्द पूरा करने के लिए पंजाब सरकार से मांग उठाई।

इस मौके पर प्रेस सचिव हरगोबिद सिंह सेखपुरी, पूर्व प्रधान रविदर गोयल, कुलविदर सिद्धू, जगदीप विर्क, बलदेव शर्मा, शामलाल शर्मा आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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