संस, बठिडा: कोरोना के कारण दो साल से शारीरिक गतिविधियों से दूर रहे स्कूली बच्चों को शिक्षा विभाग ने दोबारा से फिजिकल एजुकेशन के साथ जोड़ने का प्रयास शुरू कर दिया है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के बाद एक पीरियड गेम्स (खेलकूद) का होगा, जिसमें वे योग के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भाग लेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व स्कूल मुखियों को पत्र भी जारी किया है।

विभाग की तरफ से जारी पत्र अनुसार स्कूल में सुबह की सभा के दौरान विद्यार्थियों को नया गेम पीरियड दिया जाएगा। इसमें विद्यार्थी योग, पीटी, खेलकूद करेंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए विभिन्न गतिविधियों को करने के लिए उन्हें मंच पर आकर प्रस्तुति देने के लिए भी प्रेरित किया जा सकता है। यह गेम पीरियड प्राइमरी, सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी के सभी प्रदेश स्कूलों में रखा जाएगा। यह सुबह इसलिए रखा जाएगा ताकि आने वाले बच्चे एक बार खेल कूद कर पूरा दिन तरोताजा रहें। पहले सरकारी स्कूलों में सुबह की सभा के दौरान वंदना कर पीटी करवा दी जाती थी, लेकिन यह भी लाकडाउन के कारण बच्चे नहीं कर पा रहे थे। इसलिए शिक्षा विभाग ने इसे दोबारा शुरू कर गेम पीरियड का नाम दिया गया है। अब एक बार फिर से पीटी के साथ योग क्रियाओं को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थियों को तंदरुस्त रहने के लिए खाने पीने की चीजों के बारे में बताया जाएगा। अध्यापकों को बच्चों की सेहत पर देना होगा ध्यान डायरेक्टर शिक्षा विभाग ने कहा कि बच्चों की सेहत का खास ध्यान रखा जाना चाहिए। इस पीरियड को भी बच्चों के लिए लंबा रखा जाएगा। बच्चों को ज्यादा से ज्यादा योग व शारीरिक गतिविधियों से जोड़ना होगा। लाकडाउन से पहले सरकारी स्कूलों में पहले भी सुबह की मास पीटी होती थी, जिसमें बच्चे खुद एक्सरसाइज करते थे। मगर बदलते समय के साथ सभा का रूप भी पूरी तरह से बदल गया था। ऐसे में महज प्रार्थना, आज का विचार आदि में पीटी सिमट कर रह गई थी। अब एक बार फिर से पीटी के साथ योग क्रियाओं को जोड़ा जाएगा।

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