विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab News: बठिंडा में शिअद कार्यकर्ता के घर NIA की छापेमारी, जानिए क्या है मामला?

Published: Fri, 20 Sep 2024 01:54 PM (IST)

पंजाब Punjab News के बठिंडा में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता गुरमिंदर सिंह के घर ...और पढ़ें

शिअद कार्यकर्ता के घर एनआईए की छापेमारी।
शिअद कार्यकर्ता के घर एनआईए की छापेमारी।

HighLights

  1. शिअद कार्यकर्ता के घर NIA की छापेमारी
  2. बाप-बेटे का मोबाइल फोन किया जब्त
  3. 30 सितंबर को दफ्तर में जांच के लिए बुलाया

जागरण संवाददाता, बठिंडा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने करीब 20 दिन बाद रामपुरा फूल में फिर से छापामारी की। इस दौरान टीम ने रामपुरा फूल में मौड़ रोड पर एक ही परिवार के दो लोगों से पूछताछ करने के साथ उनके घर की तलाशी ली व मोबाइल फोन अपने साथ लेकर चले गए।

इतना ही नहीं बाप और बेटे को 30 सितंबर को चंडीगढ़ स्थित एनआईए के दफ्तर में जांच के लिए बुलाया गया है। इससे पहले टीम ने पिछले माह 30 अगस्त को प्रतिबंधित संगठन के नेताओं से जुड़े नक्सली भर्ती मामले के सिलसिले में छापेमारी की थी। इस दौरान एजेंसी ने चार राज्यों में छापेमारी की थी, जिसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली शामिल थे।

संदिग्ध कॉल से जुड़ा है मामला

शुक्रवार को की गई छापामारी के बाद ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले रामपुरा निवासी गुरमेल सिंह ने बताया कि सुबह एनआईए की टीम उनके घर पहुंची थी। इस दौरान उनके बेटे गुरमिंदर सिंह और उनका मोबाइल फोन टीम ने जब्त कर लिया है। वहीं, पूरे घर की तलाशी ली गई। इस दौरान घर की अलमारी, छत्त, बैड सहित हर कोने में रखे सामान की जांच की गई।

यह भी पढ़ें- Manorama Devi Raid: पूर्व MLC मनोरमा देवी के ठिकानों से ऐसा क्या मिला? जिससे NIA अधिकारियों का भी चकराया माथा

उन्होंने जब टीम से जांच के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्हें बताया गया कि साल 2023 में एक सिम कार्ड उनके नाम से जारी किया गया है। इसमें आईडी प्रूफ उनका लगा हुआ है व इस फोन से कई संदिग्ध कॉल हुई है। इसी को लेकर वह जांच कर रहे हैं।

शिअद के कार्यकर्ता हैं गुरमिंदर सिंह

वहीं, गुरमिंदर सिंह ने बताया कि वह ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते हैं और उनका बेटा टिप्पर चलाता है। उन्होंने बताया कि उनके पास जो सिम व फोन चल रहे हैं, वह करीब 15 साल से एक्टिव है और इसके बाद उन्होंने कोई भी नया सिम नहीं लिया है।

यही ही नहीं उनका किसी किसान संगठन से भी कोई संबंध नहीं है, बल्कि वह लंबे समय से शिरोमणि अकाली दल के साथ जुड़े हुए है। फिलहाल जांच एजेंसी ने उन्हें 30 सितंबर को चंडीगढ़ एनआईए दफ्तर में अपना पक्ष व सबूत देने के लिए बुलाया हैं।

सुखविंदर कौर के घर भी हुई थी छापेमारी

गौरतलब है कि बीती 30 अगस्त को रामपुरा फूल में बीकेयू की महिला किसान नेता सुखविंदर कौर के घर छापेमारी की गई थी। इस बीच किसान नेताओं ने इसका विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस की गाड़ी के आगे धरना दिया था। इस दौरान एनआईए की जांच में पता चला था कि कई फ्रंटल संगठनों और छात्र विंग को भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के उद्देश्य से नक्सली विचारधारा का प्रचार करने के साथ-साथ कैडर को प्रेरित करने और भर्ती करने का काम सौंपा गया है।

एनआईए के अनुसार आरोपियों ने इस एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आतंकवादी और हिंसा के कृत्यों को अंजाम देने की साजिश रची। पिछले साल 6 सितंबर को एनआईए ने उत्तर प्रदेश भर में छापेमारी करके प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन को पुनर्जीवित करने के नक्सल नेताओं और सीपीआई (माओवादी) के कैडरों के प्रयासों पर भी नकेल कसी थी।

यह भी पढ़ें- UP News: महराजगंज जिले में एनआईए की टीम का छापा, बंद कमरे में चार घंटे युवक से की पूछताछ; क्षेत्र में मचा हड़कंप