जागरण संवाददाता, बठिडा: बठिडा की स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन गुरनाम सिंह ने फैसला सुनाया है कि शहर में अगर बेसहारा पशुओं के कारण कोई भी हादसा होता है तो उसके लिए नगर निगम जिम्मेदार होगा। इस संबंध में 2014 में शहरवासी हरजिदर सिंह ने केस दायर किया था। इसमें डीसी के अलावा निगम कमिश्नर व सिविल सर्जन को पार्टी बनाया गया था।

हरजिंदर सिंह के वकील ने तर्क दिया था कि शहर में बेसहारा पशुओं के कारण अक्सर ही हादसे होते रहते हैं। नगर निगम काऊ सेस वसूलने के बावजूद पशुओं की संभाल नहीं कर रहा। इन दलीलों से सहमत होते हुए अदालत ने उक्त फैसला सुनाया और निगम को कुछ हिदायतें भी जारी कीं। कहा कि निगम द्वारा बकायदा एक रजिस्टर मेंटेन किया जाएगा, जिसमें लोगों की शिकायत दर्ज की जाएगी। वहीं शिकायत दर्ज करने के बाद उस पर क्या एक्शन लिया यह कार्रवाई भी रजिस्टर पर ही दर्ज करनी होगी। इसके अलावा निगम पशुओं की संभाल के लिए एक मोबाइल वैन भी लेगा। इसके लिए अलग से स्टाफ तैनात करना होगा, ताकि गोशाला में पशुओं को भेजा जा सके। वहीं काऊ सेस के नाम पर इकट्ठा होने वाले करोड़ों रुपये भी सिर्फ पशुओं की संभाल के लिए ही खर्च करने होंगे। इसकी मानिटरिग के लिए डीसी की ओर से नगर निगम के अलावा अन्य विभागों के सीनियर अधिकारियों के साथ समय-समय पर मीटिग कर रिव्यम लिया जाएगा, जिसमें यह जिक्र करना होगा कि काऊ सेस का पैसा कहां-कहां पर खर्च किया गया है। इसके साथ ही अगर यह भी सुझाव दिया कि अगर निगम पशुओं की संभाल के लिए किसी एनजीओ की मदद लेना चाहता है तो वह उसके मदद ले सकता है। मगर पशुओं के कारण अगर कोई भी हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी निगम की ही होगी।

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