बठिंडा विस्फोट: घर में बम बनाने वाले गुरप्रीत सिंह पर चलेगा मुकदमा, आतंकी संगठन जैश से संपर्क होने के मिले सबूत
बठिंडा विस्फोट में घायल गुरप्रीत सिंह पर अब आतंकी गतिविधियों से जुड़े आरोपों में मुकदमा चलेगा।

बम बनाने की कोशिश से आतंकी नेटवर्क तक पहुंचा मामला, गुरप्रीत की आरोपमुक्ति अर्जी खारिज।
HighLights
बठिंडा विस्फोट में घायल गुरप्रीत पर अब आतंकी आरोप
मोहाली एनआईए कोर्ट ने आरोपमुक्ति अर्जी खारिज की
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव, ऑनलाइन कट्टरपंथ के मिले सबूत
जागरण संवाददाता, बठिंडा। सितंबर 2025 में बठिंडा के गांव जीदा में विस्फोटक तैयार करने के दौरान घायल हुए गुरप्रीत सिंह के खिलाफ अब आतंकी गतिविधियों से जुड़े आरोपों में भी मुकदमा आगे बढ़ेगा।
मोहाली की विशेष एनआईए अदालत ने उसकी आरोपमुक्ति की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि इस स्तर पर उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य हैं। एनआईए की चार्जशीट में गुरप्रीत के कथित ऑनलाइन कट्टरपंथ, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव, इंटरनेट गतिविधियों और फंड जुटाने से संबंधित साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।
अदालत ने गुरप्रीत सिंह के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 व 5 तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18, 23(1) और 38 के तहत आरोप तय करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली कार्रवाई अब इन्हीं धाराओं के तहत आगे बढ़ेगी।
मामले में 28 अक्टूबर 2025 को नए सिरे से केस दर्ज किया गया था। इसके बाद एनआईए ने जांच अपने हाथ में लेकर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की। अब आरोपी के खिलाफ यूएपीए और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत न्यायिक कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
विस्फोट के बाद सामने आया मामला
11 सितंबर 2025 को थाना नेहियांवाला क्षेत्र के गांव जीदा में विस्फोटक तैयार करने के दौरान विस्फोट हो गया था। इसमें गुरप्रीत सिंह और उसके पिता जगतार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने विस्फोटक व ज्वलनशील सामग्री से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। बाद में मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई। एनआईए के अनुसार जांच में गुरप्रीत सिंह के वर्ष 2023 से 2025 के बीच ऑनलाइन माध्यमों के जरिए कथित तौर पर कट्टरपंथ की ओर बढ़ने के साक्ष्य सामने आए।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि वह जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों से प्रभावित था और आतंकी मसूद अजहर के भाषणों से भी प्रभावित हुआ। जांच में इंटरनेट पर की गई गतिविधियों और कथित तौर पर पैसों का इंतजाम करने से संबंधित जानकारी भी सामने आने का दावा किया गया।
डिजिटल उपकरण और सीडीआर से जुटाए साक्ष्य
मामले की जांच के दौरान एनआईए ने डिजिटल उपकरणों, दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और कॉल डिटेल रिकार्ड समेत अन्य साक्ष्यों को आधार बनाया। एजेंसी ने इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपित के कथित आतंकी नेटवर्क से संपर्क और गतिविधियों की जांच की।
इसके बाद एनआईए ने जांच पूरी करने के बाद 16 मार्च 2026 को मोहाली की विशेष एनआईए अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसमें गुरप्रीत सिंह के कथित ऑनलाइन कट्टरपंथ, आतंकी संगठन से जुड़ाव, इंटरनेट गतिविधियों, फंड जुटाने और संपर्कों से संबंधित साक्ष्यों का उल्लेख किया गया।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद गुरप्रीत सिंह ने 1 जून 2026 को अदालत में आरोपमुक्त करने की अर्जी दायर की थी। उसके वकील ने दलील दी कि आतंकी गतिविधियों या किसी साजिश में शामिल होने को लेकर उसके खिलाफ कोई ठोस अथवा प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मानते हुए अर्जी खारिज कर दी।
