अब सिर्फ 50 रुपये में होगी खाने के शुद्धता की जांच, बठिंडा में फूड सेफ्टी वैन के जरिए शुरू हुई मोबाइल टेस्टिंग
बठिंडा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया है। 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' वैन स्कूलों ...और पढ़ें
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बठिंडा में मिलावटखोरी के खिलाफ जंग (फोटो: जागरण)

समय कम है?
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नितिन सिंगला, बठिंडा। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए फूड सेफ्टी विभाग ने अब जागरूकता अभियान शुरू किया है। विभाग की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्कूलों से लेकर बाजारों तक लोगों को मिलावट की पहचान और उससे बचाव के तरीके सिखाए जा रहे हैं।
खास बात यह है कि इस अभियान का केंद्र स्कूली बच्चे हैं, जिन्हें भविष्य का जागरूक उपभोक्ता मानते हुए प्रशिक्षित किया जा रहा है। फूड सेफ्टी विभाग की टीम इन दिनों “फूड सेफ्टी आन व्हील्स” वैन के माध्यम से अलग-अलग स्कूलों में पहुंच रही है।
हाल ही में सरकारी गर्ल्स स्कूल मौड़ मंडी और सरकारी स्कूल, भगता भाईका में आयोजित कार्यक्रमों में छात्रों और शिक्षकों को खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच करवाई गई। बच्चों द्वारा घर से लाए गए सैंपलों की जांच करते हुए टीम ने उन्हें बताया कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों में किस तरह मिलावट की जाती है और उसकी पहचान कैसे की जा सकती है।
सहायक फूड कमिश्नर अमृतपाल सोढ़ी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी सैंपल में मिलावट या मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही बच्चे आगे चलकर समाज में सही खानपान की आदतों को बढ़ावा देंगे।
अभियान के दौरान केवल खाद्य पदार्थों की जांच ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के नियमों पर भी विस्तार से जानकारी दी जा रही है। छात्रों को हाथ धोने की सही विधि, खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के तरीके और साफ-सफाई के महत्व के बारे में बताया जा रहा है।
जागरूकता की शुरुआत बचपन से ही होनी चाहिए, ताकि मिलावट के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक सोच विकसित हो सके। उधर बाजारों में भी मिलावट पर नजर रखने के लिए विभाग सक्रिय है। फूड सेफ्टी वैन शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर खाद्य पदार्थों की जांच कर रही है।
वैन में प्रतिदिन 10 से 12 सैंपलों की जांच की जा रही है। आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि वे केवल 50 रुपये शुल्क देकर अपने घर की खाद्य वस्तुओं की जांच भी करवा सकते हैं। विभाग द्वारा लोगों को घर पर ही मिलावट की प्राथमिक जांच करने के आसान तरीके भी बताए जा रहे हैं।
उदाहरण के तौर पर हल्दी में मिलाए जाने वाले कृत्रिम रंग की पहचान के लिए उसमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कुछ बूंदें डालने पर रंग बदलना मिलावट का संकेत है। इसी तरह लाल मिर्च पाउडर को पानी में डालने पर यदि पानी लाल हो जाए या कण ऊपर तैरने लगें, तो उसमें मिलावट की आशंका होती है।
दूध की शुद्धता जांचने के लिए उसकी एक बूंद चिकनी सतह पर गिराकर देखा जा सकता है,यदि वह धीरे-धीरे बहते हुए सफेद लकीर छोड़ती है, तो दूध शुद्ध माना जाता है। पनीर में स्टार्च की मिलावट जांचने के लिए उस पर आयोडीन डालने पर नीला रंग आना मिलावट का संकेत है। घी में वनस्पति या स्टार्च की मिलावट भी इसी तरह के सरल परीक्षणों से पकड़ी जा सकती है।
शहद, धनिया पाउडर और अन्य मसालों में मिलावट की पहचान के लिए भी आसान घरेलू उपाय बताए जा रहे हैं, ताकि आम लोग खुद सतर्क रह सकें। विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ नजर आएं, तो तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
