जासं,बठिडा: महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय बठिडा परिसर में वार्षिक मेगा सांस्कृतिक-साहित्यिक-तकनीकी महोत्सव 'तरन्नम-2021' के खचाखच भरे सभागार में रंगारंग तरीके से संपन्न हुआ। सूफी गायकों बीरेंद्र ढिल्लों व शमशेर लहरी ने सूफी गीतों से माहौल सूफियाना बना दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बूटा सिंह सिद्धू ने समारोह का उद्घाटन किया, जबकि मुख्यअतिथि तकनीकी शिक्षा और पंजाब प्रमुख सचिव औद्योगिक प्रशिक्षण, रमेश कुमार गंता आइएएस समापन समारोह में शामिल हुए।

उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सह-पाठ्यक्रम और खेल गतिविधियां छात्रों के समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ाती है और छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं। उन्होंने युवाओं के मन और उनके व्यक्तित्व टीम भावना के साथ-साथ छात्रों के बीच प्रतियोगिता में इस तरह के तकनीकी-सांस्कृतिक आयोजनों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्षेत्र में पेशेवर रूप से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए टीम वर्क बहुत महत्वपूर्ण है। आपकी प्रतिभा सिर्फ जीने के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए योगदान करने की भी होनी चाहिए। अपने कालेज के दिनों को याद करते हुए रमेश कुमार ने ऐसे सांस्कृतिक उत्सवों के दौरान बनी यादों के महत्व के बारे में बताया।

प्रो.बूटा सिंह सिद्धू ने विशाल तकनीकी-सांस्कृतिक मेले तरुणम-2021 के सफल आयोजन के लिए छात्रों, प्रतिभागियों, विभिन्न कार्यक्रमों के विजेताओं और आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कम समय में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। मेले में विभिन्न प्रकार के तकनीकी कार्यक्रम, रचनात्मक प्रतियोगिताएं और प्रतिभा-आधारित सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल थे। छात्रों ने विभिन्न सांस्कृतिक, तकनीकी और साहित्यिक आयोजनों में प्रदर्शन कला के विभिन्न आयामों में प्रदर्शन करके जीवन की भावना का जश्न मनाया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण स्किट, गीत, नृत्य, रैप, बैंड प्रदर्शन, शक्ति से भरपूर गिद्दा और भांगड़ा थे। समारोह में रजिस्ट्रार डा. गुरिदर पाल सिंह बराड़, कैंपस डायरेक्टर डा. सवीना बंसल, डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन हरजिदर सिद्धू, गुरप्रीत सिंह मान, रवि शर्मा सीनियर फैकल्टी, डीन, डायरेक्टर और स्टाफ मौजूद थे। कार्यक्रम की मुख्य समन्वयक डा. नीरजा गिल और समन्वयक सतनाम सिंह, छात्र अध्यक्ष वैभव सिंह और जसमीन कौर के नेतृत्व में टीम ने कार्यक्रम को शानदार ढंग से सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। मंच का संचालन सहायक प्राध्यापक डा. सुनीता कोतवाल और नवदीप खीवा ने बखूबी किया। अंत में सभी विजेताओं ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। इश्क नूं छेड़ी नां जैसे गीतों से बांधा समां

इस मौके पर प्रसिद्ध सूफी गायक बीरेंद्र ढिल्लों और शमशेर लहरी और प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता और निर्देशक गुरमीत साजन ने अपने प्रसिद्ध गीतों से समय बांध दिया। सूफी गायकों ने अरदास, गंगाजल, तुनकदी तार, बाबा नानक भला करुंगा, इश्क नूं छेड़ी नां, मेहर कर बाबा, दिल करदा फकीर बन जावां जैसे लोकप्रिय गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया, जबकि फिल्म आर्टिस्ट गुरमीत साजन ने अपने लोकप्रिय संवादों को साझा किया।

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