जागरण संवाददाता, बठिडा : किसानों पर दर्ज किए गए केसों को रद करवाने के अलावा नरमा की फसल का मुआवजा लेने के लिए भारतीय किसान यूनियन उगराहां की ओर से डीसी दफ्तर का घेराव किया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि वह डीसी से यह जानने के लिए आए थे कि कितने किसानों का कर्ज माफ किया गया है, लेकिन यहां पर उनकी किसी ने कोई बात नहीं सुनी। जबकि डीसी तो अपने दफ्तर में ही मौजूद नहीं थे। इस कारण उनको धरना लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

किसान यूनियन के नेता मोठू सिंह कोटड़ा ने बताया कि दिल्ली में चल रहा किसानों का संघर्ष खत्म हुआ था तो उस समय उनके साथ वादा किया था कि किसानों की सभी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन आज तक सरकार जान बूझकर इन मांगों को लटका रही है। जबकि इससे पहले उनके द्वारा एसएसपी बठिडा से भी यह जानकारी लेने की कोशिश की गई थी कि कितने किसानों पर दर्ज केस रद किए गए हैं। लेकिन उनको इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी जा रही है। इसके अलावा किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ किसानों को तो नरमे की फसल का मुआवजा मिल गया है, लेकिन कई किसान आज भी मुआवजा का इंतजार कर रहे हैं। वहीं अधिकारी अब चुनाव आचार संहिता लगी होने का बहाना बना रहे हैं। जबकि अब पुराने समय में शुरू हुए काम पूरे हो सकते हैं तो किसानों को मुआवजा क्यों नहीं जारी किया जा सकता। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इसके अलावा किसान संगठनों के चुनाव लड़ने पर कोटड़ा ने कहा कि वह किसी को भी समर्थन नहीं करते।

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