जासं, बठिडा : पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद सख्त सुरक्षा प्रबंधों में जिला परिषद के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन का चुनाव हो गया। इस चुनाव में कुल 25 मेंबरों ने वोटिग करनी थी। मगर 23 मेंबरों ने ही चुनाव में भाग लिया। चेयरमैन के लिए ब्लॉक कांग्रेस के प्रधान तेजा सिंह दंदीवाल की पत्नी मनजीत कौर व बुलाढेवाला के पूर्व सरपंच मनजीत सिंह की माता सुखपाल कौर के बीच मुकाबला था। वाइस चेयरमैन के लिए गुरइकबाल सिंह चहल व भैणी चूहड़ के पूर्व सरपंच परमजीत कौर के बीच मुकाबला था। करीब 11:30 बजे एडीसी कम रिटर्निंग अफसर परमवीर सिंह की अगुआई में चुनाव शुरू हुआ। वोटिग के दौरान चेयरमैन के पद के लिए मनजीत कौर को 12 व सुखपाल कौर को 11 वोट मिले तो वाइस चेयरमैन के लिए गुरइकबाल सिंह को 13 व परमजीत कौर को 10 वोट मिले। इसके आधार पर मनजीत कौर को एक व गुरइकबाल सिंह चैनल को तीन वोट के साथ विजेता घोषित कर दिया।

चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर भी सुरक्षा के सख्त प्रबंध किए गए थे। उनके द्वारा मेंबरों के बिना किसी दूसरे व्यक्ति को जिला परिषद में दाखिल नहीं होने दिया गया। जिसके चलते सुबह के समय जिला परिषद में दाखिल होने के लिए मेंबरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। यहां तक कि जिला परिषद मेंबरों की पुलिस के साथ बहसबाजी भी होती रही। बताते चलें कि चेयरमैन चुनी गई मनजीत कौर की मदद रेवेन्यू मिनिस्टर गुरप्रीत सिंह कांगड़ कर रहे थे तो सुखपाल कौर की मदद भुच्चो हलके के विधायक प्रीतम सिंह कोर्टभाई व बठिडा देहाती हलके की इंचार्ज हरविदर सिंह लाडी द्वारा की जा रही थी। मगर अंत में माल मंत्री के पक्ष के नुमाइंदों को विजय करार दिया गया। इस पर जिला परिषद की चुनी गई चेयरमैन के मुकाबले से चुनाव हारने वाले सुखपाल कौर ने भी चुनावों पर संतुष्टि जाहिर की।

हाईकोर्ट ने दिए थे चुनाव करवाने के आदेश

20 दिसंबर 2019 को हुए चुनाव में ब्लॉक कांग्रेस नथाना के प्रधान तेजा सिंह दंदीवाल की पत्नी मनजीत कौर को चेयरमैन व एडवोकेट गुरइकबाल सिंह चहल को वाइस चेयरमैन चुन लिया था। जिसके बाद सुखपाल कौर द्वारा चुनाव को पंजाब हरियाण हाईकोर्ट में चैलेंज किया था। इस पर 30 जनवरी को हाईकोर्ट ने चेयरमैन के चुनाव पर स्टे लगा दी थी। जिसके बाद मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जुलाई 2020 में पंजाब सरकार को आदेश दिया कि चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के चुनाव को रद्द कर नए सिरे से करवाया जाए। इसके बाद जिला प्रशासन ने वोटों के द्वारा चुनाव करवाया, जिसमें पहले वाले दोनों उम्मीदवार फिर से चुने गए।

जिला परिषद में जाने वाले लोग हुए परेशान

पुलिस ने जिला परिषद का मुख्य गेट चुनावों को लेकर बंद कर दिया। जिस कारण कामकाज के लिए जाने वाले लोगों के साथ साथ ड्यूटी पर जाने वाले मुलाजिम भी परेशान होते रहे। जब तक चुनाव संपन्न नहीं हो सका, तब तक किसी को भी जिला परिषद के अंदर जाने नहीं दिया गया। वहीं गांवों में काम धंधे से आने वाले लोग गर्मी के कारण चुनाव संपन्न होने तक दफ्तर के बाहर ही बैठे इंतजार करते रहे। जबकि सुरक्षा प्रबंधों की देखरेख एसपी जसपाल सिंह व डीएसपी गुरजीत सिंह रोमाणा कर रहे थे।

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