जासं,बठिडा: गत 25 जून से लगातार एनपीए के विरोध में हड़ताल पर चल रहे जिले के सरकारी मेडिकल, वेटरनरी, आयुर्वेदिक, डेंटल, होम्योपैथी डाक्टरों की तरफ से शनिवार को भी अपनी हड़ताल जारी रखी गई। शनिवार को भी जिले के किसी भी सिविल अस्पताल के डाक्टरों ने अपनी ओपीडी सेवाएं नहीं दी। वहीं मेडिकल करने, एमएलआर काटने, आप्रेशन करने, लैब टेस्ट समेत तमाम मेडिकल सेवाएं ठप रखी गई। सेहत मंत्री के आश्वासन के बाद भी डाक्टरों ने अपनी हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। डाक्टरों ने कहा कि सरकार पहले भी कई बार उन्हें झूठा आश्वासन दे चुकी है, इसलिए जब तक सरकार उनकी लिखित में मांगों को पूरा नहीं कर देती, उनका हड़ताल खत्म नहीं होगी। सोमवार को भी डाक्टर हड़ताल पर रहेंगे। सोमवार से संघर्ष का क्या रूप दिया जाएगा, इसका फैसला रविवार को लिया जाएगा।

समूह डाक्टरों द्वारा नान प्रैक्टिस अलाउंस को बेसिक सैलरी से डिलिक करने और एनपीए में 25 फीसद से 20 फीसद की गिरावट करने के कारण विरोध कर रहे हैं। डाक्टरों की हड़ताल से अब सर्जरी पर भी प्रभाव पड़ने लगा है। शनिवार को अस्पताल में मरीज इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी उन्हें डाक्टर नहीं मिले। वहीं ओपीडी काउंटर से स्लिप भी नहीं काटी गई, एक्सरे, ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी, डेंगू-मलेरिया, मेडिकल फिटनेस, डोप टेस्ट के अलावा अन्य कई तरह की सेहत सेवाएं प्रभावित रही। फिलहाल इमरजेंसी व कोविड सेवा जारी रही। वहीं मरीजों के मुताबिक ऐसा कब तक चलेगा, कई दिन बीत चुके हैं। लोग बोले-सरकार की मनमानियों का नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। शनिवार को ओपीडी सेवा बंद होने और डाक्टर उपलब्ध न होने के चलते अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लोगों का तांता लगा रहा। लोगों को सेवाएं लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इमरजेंसी में केवल एक ही डाक्टर तैनात था।

Edited By: Jagran