नितिन सिगला,बठिडा: कोरोना महामारी के खिलाफ शुरू की गई जंग में टीकाकरण अभियान खुद हारता नजर आ रहा है। सरकार व सहत विभाग के पास वैक्सीन नहीं होने के कारण ज्यादातर टीकाकरण सेंटर बंद हो रहे हैं, जिसके कारण लोगों को कोरोना वैक्सीन के टीक नहीं लग पा रहे और वह निराश होकर लौट रहे हैं। जिला सेहत विभाग के पास वैक्सीन खत्म होने के कारण शुक्रवार को 84 सरकारी टीकाकरण सेंटरों में से 76 सेंटर बंद रखे गए, जबकि सिविल अस्पताल बठिडा समेत जिले में कुल आठ सेंटरों पर ही टीकाकरण हुआ। इनमें भी मात्र एक-एक काउंटर ही लगाए गए। इस कारण शुक्रवार को 18 से 44 साल तक के केवल रजिस्टर्ड श्रमिकों का ही टीकाकरण किया गया, जबकि बाकी कैटेगिरी में दूसरी डोज के ही टीके लगाए गए। ऐसे में अब सेहत विभाग जो टीकाकरण सेंटर चला रहा है, वहां पर सिर्फ ज्यादातरह दूसरी डोज के ही टीके लगाए जा रहे हैं, जबकि पहली डोज के टीके बहुत कम ही लगाए जा रहे है। आज टीकाकरण कैंप को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

विभाग के आंकड़े बताते हैं कि बीती वीरवार को 2781 लोगों को टीका लगाया गया है जिसमें केंद्र सरकार की तरफ से भेजी गई वैक्सीनेशन से 2041 और राज्य सरकार की तरफ से भेजी वैक्सीन से 18 आयु वर्ग से अधिक के 740 श्रमिक को टीका लगाया गया था। इसके बाद विभाग के पास कोवैक्सीन की 1100 डोज और राज्य सरकार की 500 डोज बची थीं, जोकि शुक्रवार को जिले में शुरू किए गए आठ सेंटरों पर प्रयोग की गई। ऐसे में शनिवार को टीकाकरण अभियान चलाने के लिए विभाग के पास वैक्सीन का स्टाक ही नहीं पड़ा है। ऐसे में शनिवार को टीकाकरण होगा या नहीं, इसके बारे में सेहत विभाग के अधिकारी भी खुद नहीं जानते हैं। उनका कहना है कि वैक्सीन के लिए डिमांड भेजी हुई है, कब आएगी इसके बारे में कुछ नहीं जानते है। वैक्सीन के लिए लोग लगवा रहे सिफारिशें

केंद्र सरकार द्वारा भेजी जाने वाली कोविशील्ड वैक्सीन की सप्लाई पंजाब को कम मिल रही है। राज्य सरकार ने 18 से 44 आयु वर्ग के श्रमिकों को टीका लगाने के लिए बठिडा में तीन हजार कोविशील्ड भेजी हैं। यह डोज सिर्फ श्रमिकों को ही लगेगी। अब बठिडा के सिविल अस्पताल स्थित रीजनल वैक्सीन स्टोर में 45 आयु वर्ग से अधिक के लोगों को टीका लगाने के लिए कोविशील्ड की एक भी डोज नहीं बची। हालांकि कोवैक्सीन की 1100 डोज रखी हैं, लेकिन यह सिर्फ दूसरी डोज वालों को ही लगाई जाएगी। ऐसे में वैक्सीन लगवाने वाले ज्यादातर लोग सेहत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से सिफारिशें तक लगवा रहे हैं ताकि किसी भी तरीके से उनका टीकाकरण हो सके।

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