जासं,बठिडा: वर्धमान पुलिस चौकी के बाहर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। एक पक्ष ने चौकी के एक सहायक थानेदार पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद वर्धमान चौकी इंचार्ज को बदल कर जिले एक थाने का इंचार्ज लगा दिया गया है।

दरअसल बीते दिनों एक झगड़े के बाद दोनों पक्षों को पुलिस चौकी वर्धमान के इंचार्ज मनप्रीत सिंह ने बुलाया था। दोनों पक्षों में समझौता हो गया, लेकिन अचानक चौकी के बाहर दोनों पक्ष भिड़ गए। संजू सिंह निवासी वर्धमान क्षेत्र अनुसार गत 25 जुलाई को नशे के लिए पैसे न देने पर पड़ोसी जसवंत सिंह ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसने खुद को भी घायल कर लिया और उसके खिलाफ पुलिस के पास झूठी शिकायत दे दी। पुलिस चौकी के सहायक थानेदार जीत सिंह ने जसवंत सिंह की मदद करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और चौकी में उसके साथ दु‌र्व्यवहार किया गया। फिर उनकी समझौते की बातचीत हुई। मौके पर एएसआइ जीत सिंह ने जसवंत सिंह और सत्ताधारी पार्टी से संबंध रखने वाले कुछ लोगों को बुला लिया। इसके बाद उक्त लोगों ने उसकी व उसके पिता सिकंदर सिंह के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। सिकंदर सिंह को गंभीर चोट लगीं, उसको अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ा। संजू सिंह ने उच्च पुलिस आधिकारियों से इंसाफ की मांग की है।

उधर, संजू सिंह के पड़ोसी नवीन कुमार का कहना है कि वह इस मामले में पंचायत के तौर पर आए थे। दोनों पक्ष चौकी के बाहर मिले तो संजू सिंह और सिकंदर सिंह ने जसवंत सिंह पर हमला कर दिया। वहीं नए आए चौकी इंचार्ज भुपिदर सिंह ने बताया कि एएसआइ जीत सिंह पर लगाए गए आरोप बिल्कुल झूठे हैं। उक्त लड़ाई के साथ इसका कोई संबंध नहीं। संजू सिंह की जमानत कर दी गई है। संजू सिंह के पिता के बयान दर्ज करके संबंधित व्यक्तियों विरुद्ध बनती कार्रवाई की जा रही है।

इस माले में डीएसपी सिटी वन गुरजीत सिंह रोमाना का कहना है कि पहले हुई लड़ाई के आधार पर दोनों पक्षों को चौकी में बुलाया गया था, लेकिन वे आपस में भिड़ गए। चौकी इंचार्ज राउंड पर थे, जिन्होंने आकर स्थिति संभाली। मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

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