ज्योति बबेरवाल, बठिडा

कोरोना की पहली व दूसरी लहर ने किसी न किसी रूप में सभी को प्रभावित किया। बच्चों की पढ़ाई भी बहुत ज्यादा प्रभावित हुई। लोग भी घरों से निकलने से डर रहे थे, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने अपने फर्ज को ऊपर रखा व मुश्किल घड़ी में भी अपने पेशे से बेइंसाफी नहीं होने दी। ऐसी ही हस्तियों में शामिल रहे तलवंडी साबो के सरकारी स्कूल के अध्यापक बिदर सिंह।

बिदर सिंह स्कूल में गणित के अध्यापक हैं। गणित अधिकतर छात्रों के लिए सबसे मुश्किल विषय रहता है। इस स्थिति में अगर उसमें प्रैक्टिस न हो तो छात्र कमजोर हो जाता है व आगे साइंस जैसे विषयों में पिछड़ जाता है। कोरोना काल में स्कूल बंद थे व आनलाइन क्लासें ही छात्रों को पढ़ाने का जरिया था। इस नाजुक समय में विद्यार्थियों को अपने विषय मैथ्स (गणित) से जोड़कर रखना व उसकी पेचिदगी को प्रैक्टिल होकर समझाना सबसे बड़ी चुनौतियों में एक था। मैथ्स को सरकारी स्कूल के बच्चों का पसंदीदा विषय बनाने की ललक व उसकी बारिकियों को बच्चों को समझाने का लक्षय लेकर उन्होंने राज्य स्तर पर टीम बनाकर बच्चों को मैथ्स सिखाया।

बिदर सिंह ने बताया कि जिस समय आनलाइन पढ़ाई शुरू की, उस समय उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। उनके पास एक ऐसा विषय था जो बच्चों को आसानी से समझ नहीं आता है। वहीं अब आनलाइन क्लासें लग रही थीं व बच्चों को समझाने के लिए साधन भी सीमित थे, लेकिन उन्होंने स्कूलों के अध्यापकों से बातचीत की। इसके बाद उनको अपने घरों में व्हाइट व ब्लैक बोर्ड लगाने के लिए कहा। इसके बाद भी कुछ बच्चे मोबाइल फोन नहीं होने के कारण क्लास से वंचित रह जाते थे। इसलिए उन्होंने ऐसे बच्चों के लिए टीवी के जरिए कार्यक्रम करवाना शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य स्तर पर 20 अध्यापकों की टीम बनाकर बच्चों के चैप्टर की वीडियो बनाकर डीडी पंजाबी पर डालने शुरू किए। इसके बाद बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। इनको ब्लाक मेंटर बनाया गया। इसके बाद इन्होंने अध्यापकों को घर पर अच्छी एचडी क्वालिटी की वीडियो बनाना सिखाया। आउटडोर एक्टिविटीज और एजुकेशनल टूर भी लगाते हैं बिदर सिंह का मैथ्स करवाने का तरीका भी बेहद अलग है। वह क्लास रूम से निकलकर आउटडोर एक्टिविटीज भी करवाकर मैथ्स सिखाते हैं। आइसीटी टूल्स की अच्छे तरीके से प्रयोग कर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। वहीं स्कूल में मैथ्स विषय में रुची पैदा करने के लिए क्विज मुकाबले करवाकर बच्चों को इनाम दिए जाते हैं। हर वर्ष एजुकेशनल टूर का आयोजन भी करते हैं। उनके विद्यार्थियों ने ब्लाक लेवल व जिला लेवल के मुकाबलों में भाग लेकर पोजिशन भी हासिल की है। इसके अलावा इनके द्वारा हर विद्यार्थी के सीखने की समर्था के अनुसार छठी से दसवीं तक सिपल मैटीरियल तैयार करवाया जाता है। बच्चों की सुरक्षा के लिए लोगों के सहयोग से लगवाए कैमरे बिदर सिंह ने पढ़ाई के अलावा स्कूल के लिए भी कार्य करवाए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की सेफ्टी के लिए 2017 में सरकारी हाई स्कूल मलकाना में क्लब मेंबरों के सहयोग से एक लाख 20 हजार रुपये इक्टठे कर कैमरे लगवाए। इसके अलावा स्कूल में मिड-डे मील का शैड बनाने के लिए भूमिका निभाई। इसके तहत खुद दान राशि देकर शुरूआत की। पूरे स्टाफ व गांव वालों के साथ मिलकर उनके सहयोग से दो लाख रुपये इक्टठे कर शेड का निर्माण किया गया।

Edited By: Jagran