जागरण संवाददाता, ब¨ठडा : शहर की सड़कों पर बढ़ रहे लावारिस पशुओं के कारण होने वाले हादसों के विरोध में नगर निगम के खिलाफ शहर के लोगों की मुश्किलों को देखते हुए समाजसेवी संस्थाओं के सदस्यों ने रोष मार्च निकाला। लोगों की ओर से फायर ब्रिगेड चौक से रोष मार्च शुरू कर विभिन्न बाजारों में निकाला गया। इसके बाद नगर निगम मेयर को मांग पत्र दिया गया।

संस्थाओं के नेताओं ने बताया कि पशुओं के कारण आए दिन सड़कों पर हादसे होते हैं, जिस कारण कई लोगों की जानें भी जा चुकी हैं। लेकिन निगम की ओर से पशुओं को पकड़ने की कोई कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट 1976 के तहत निगम की हद में घूमते पशुओं की संभाल व नुकसान की जिम्मेवारी निगम की होती है। जबकि शहर की गोशालाएं भी पशुओं से भरी पड़ी हैं। जबकि निगम की ओर से पशुओं को पकड़ने की कोई योजना नहीं तैयार की गई। यहां तक कि राज्य सरकार ने भी आवारा पशुओं की समस्या के हल करने का मेनिफेस्टो में जिक्र किया था, लेकिन अभी तक इसका कोई हल नहीं हुआ। उन्होंने मांग की है कि बाजारों व शहर की सड़कों पर हरा चारा बंद करवाने के अलावा साल 2007 में शहर में विभिन्न 17 एंट्री प्वाइंट्स पर पुलिस बूथ बनाए गए थे, जिनका उद्देश्य शहर में लावारिस पशुओं को दाखिल होने से रोकना था, लेकिन मौजूदा हालात में ऐसा कुछ नहीं है, जिनको फिर से स्थापित करना चाहिए। इसी प्रकार मांग की गई कि निगम की सीमा में घूमते पशुओं को खाली जगह पर तारें लगाकर रखा जाए व पशुओं के लिए खुराक का प्रबंध किया जाए। डेयरी फार्म, गोशालाओं व अन्य पशु पालकों की ओर से संभाले जा रहे पशुओं के टैग लगाकर रजिस्ट्रेशन की जाए व पशुओं के जन्म मरण संबंधी रिकार्ड रखा जाए, सरकारी जगहों पर गोशालाएं बनाने के लिए सरकार को लिखा जाए। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी मांगों को समय पर पूरा न किया तो वह संघर्ष करेंगे।

इस दौरान नौजवान वेलफेयर सोसायटी, श्री गणेश वेलफेयर सोसायटी, जीवन ज्योति वेलफेयर सोसायटी, शहीद जरनैल ¨सह वेलफेयर सोसायटी, साथी वेलफेयर सोसायटी, समर्थ वेलफेयर सोसायटी, डायमंड वेलफेयर सोसायटी, श्री हनुमान सेवा समिति, पेंरेंट्स एसोसिएशन, निष्काम सेवा समिति, जागो ग्राहक, अप्पू वेलफेयर सोसायटी, श्री साई सेवा दल, ओम शिव शक्ति वेलफेयर सोसायटी, यूनाइटेड वेलफेयर सोसायटी, संघर्ष कमेटी के अलावा हर¨वदर शर्मा, जसवीर ¨सह जस्सा, बीरबल बंसल आदि उपस्थित थे।

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